
हाथरस 11 अगस्त। 12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से जनपद न्यायाधीश विनय कुमार की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय, हाथरस के सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद न्यायाधीश ने न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पक्षकारों को मध्यस्थता के लिए प्रेरित करें तथा अधिक से अधिक मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के लिए उन्हें मध्यस्थता केंद्र हाथरस भेजें। बैठक में वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, ऋण वसूली, भूमि अधिग्रहण, संपत्ति बंटवारे, बेदखली सहित अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को चिह्नित कर समझौते के आधार पर निस्तारित कराने पर जोर दिया गया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक वादों का सरल एवं प्रभावी तरीके से निस्तारण कराया जाए, जिससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके। इसी क्रम में जे.टी.आर.आई. लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-III की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों के लिए सतत सीखने का वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में एडीआर (Alternative Dispute Resolution), विधिक सहायता एवं जागरूकता विषय पर जानकारी दी गई। सचिव अनु चौधरी ने एडीआर के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि वैकल्पिक विवाद समाधान के अंतर्गत ऐसी प्रक्रियाएं एवं तकनीकें आती हैं, जिनके माध्यम से विवाद में उलझे पक्षकार बिना मुकदमे की लंबी प्रक्रिया में गए अपने विवाद का समाधान खोज सकते हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत विवाद समाधान का प्रमुख और सबसे बुनियादी तरीका है। किसी विवाद को सुलझाने के लिए सामान्यतः सबसे पहले पक्षकारों के बीच बातचीत का प्रयास किया जाता है। बातचीत की प्रक्रिया में किसी तीसरे पक्ष की आवश्यकता नहीं होती और इसमें अतिरिक्त खर्च भी नहीं आता। इसके अलावा मध्यस्थता एडीआर के प्रमुख एवं प्रभावी माध्यमों में से एक है, जिसके जरिए पक्षकार आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाल सकते हैं। बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए अधिक से अधिक वादों को चिह्नित कर उनके निस्तारण की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने तथा वादकारियों को मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया। साथ ही जनपद न्यायालय, हाथरस में चल रहे ‘राष्ट्र हेतु विशेष मध्यस्थता अभियान-3.0’ को सफल बनाने के लिए भी न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जनपद न्यायालय, हाथरस के समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।






