
हाथरस 10 अगस्त। श्रावण मास के दृष्टिगत शिवालयों में श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलाभिषेक को लेकर जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने श्री चौबे वाले महादेव मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की और जनपदवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक रहती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डीएम अतुल वत्स ने बताया कि शिवालय परिसर में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है तथा पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम किए गए हैं। शिवालय के सामने रेलवे लाइन होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे लाइन की ओर किसी भी व्यक्ति के जाने की संभावना को रोकने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने शिवालय परिसर में स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वप्रेरणा से आयोजित किए जा रहे भंडारे का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने युवाओं से संवाद कर भंडारे की व्यवस्थाओं, उनकी पहल और सेवा कार्य के संबंध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने युवाओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब युवा आधुनिक जीवनशैली और पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं, ऐसे दौर में अपनी संस्कृति, परंपरा और सेवा भावना से जुड़कर इस प्रकार की पहल करना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी है।
जिलाधिकारी ने युवाओं से पूछा कि भंडारे के आयोजन में उन्हें किन वस्तुओं की आवश्यकता है। युवाओं द्वारा आवश्यकता बताए जाने पर प्रशासन की ओर से पूरी-सब्जी के साथ जलेबी की व्यवस्था में सहयोग करने का निर्णय लिया गया। डीएम ने कहा कि युवाओं की यह पहल उनकी आस्था, समर्पण और सेवा भावना को दर्शाती है। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि भंडारे के अतिरिक्त युवा किस प्रकार अपनी सहभागिता कर रहे हैं। इस पर युवाओं ने बताया कि वे शिवालय परिसर की साफ-सफाई में भी सहयोग कर रहे हैं और भंडारे के बाद परिसर में गंदगी नहीं रहने देंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि युवाओं की यह पहल केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि एनएसएस सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज सेवा के लिए प्रेरित किया जाता है और इन युवाओं ने इस भावना को धरातल पर उतारकर उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिलाधिकारी ने युवाओं के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि निश्चित रूप से उनके शिक्षकों और अभिभावकों ने उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी एवं संस्कारों की अच्छी शिक्षा दी है। उन्होंने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से उनकी इस सकारात्मक पहल को पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।







