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हाथरस 08 अगस्त। हाथरस जंक्शन क्षेत्र की रम नगला पंचायत के गांव धौलाकुआं में श्मशान स्थल पर टिनशेड न होने के कारण होमगार्ड के शव का अंतिम संस्कार बारिश के बीच तिरपाल के सहारे करना पड़ा। बारिश शुरू होने पर ग्रामीण करीब डेढ़ घंटे तक तिरपाल लेकर चिता को भीगने से बचाते रहे। बारिश थमने के बाद मृतक के बेटे ने मुखाग्नि दी। घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। गांव निवासी 52 वर्षीय होमगार्ड हरी सिंह हाथरस में तैनात थे। बृहस्पतिवार सुबह ड्यूटी से घर लौटने के बाद आराम करते समय उनकी अचानक मौत हो गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव घर लाया गया। अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान स्थल ले जाते ही बारिश शुरू हो गई। आनन-फानन ग्रामीणों ने तिरपाल की व्यवस्था की और उसी के नीचे चिता तैयार की। बारिश रुकने तक ग्रामीण तिरपाल थामे चिता को बचाते रहे। मृतक के बेटे जयदेव ने बताया कि गांव में अपना श्मशान स्थल नहीं है। रम नगला में श्मशान है, लेकिन वहां पहुंचने के लिए रेलवे लाइन पार करनी पड़ती है। ऐसे में ग्रामीण कई वर्षों से ढकपुरा-दादनपुर की जमीन पर अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं। अब यह क्षेत्र नगर पालिका परिषद हाथरस की सीमा में आ चुका है। ग्रामीण क्षेत्र और नगरीय सीमा के बीच मामला फंसे होने के कारण श्मशान स्थल का विकास नहीं हो पा रहा है।

श्मशान की जमीन पर कब्जे का आरोप

रम नगला के प्रधान अमित कुमार के अनुसार, धौलाकुआं में श्मशान के लिए भूमि उपलब्ध है, लेकिन उस पर वर्षों से कब्जा है। इसी वजह से ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए दादनपुर क्षेत्र की ओर जाते हैं। वहीं रम नगला स्थित श्मशान स्थल पर भी टिनशेड की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग से संपर्क किया गया, लेकिन कभी पर्याप्त जगह की कमी तो कभी अन्य कारणों से प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।

पहले भी तिरपाल में हो चुका है अंतिम संस्कार

बारिश के दौरान तिरपाल के सहारे अंतिम संस्कार का यह पहला मामला नहीं है। पिछले सप्ताह हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव बरौली में भी तिरपाल के नीचे अंतिम संस्कार किया गया था। इससे पहले नौ जुलाई को गांव सोखना में दो महिलाओं के शवों का अंतिम संस्कार भी तिरपाल के सहारे किया गया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अंत्येष्टि स्थलों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि अंत्येष्टि स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है और उनके जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। बजट उपलब्ध होने के साथ व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है। रम नगला की समस्या की भी जांच कराकर उसके समाधान की बात कही गई है।

 

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