मथुरा 08 अगस्त। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा के छात्र-छात्राओं ने अकबरपुर में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। रैली का उद्देश्य युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना रहा। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस अवसर पर प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए गंभीर चुनौती है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ उसके परिवार को भी प्रभावित करती है। नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को दोषी मानने के बजाय उन्हें चिकित्सा, काउंसलिंग और पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से मदद उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
एनएमबीए एवं उन्नत भारत अभियान के समन्वयक डॉ. अजय उपाध्याय ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का जनआंदोलन है। यदि युवा नशे से दूर रहकर स्वास्थ्य, शिक्षा और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दें तो स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भारत का निर्माण संभव है। रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने ‘नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो’, ‘स्वस्थ युवा, समृद्ध भारत’ और ‘नशा मुक्त भारत, हमारा संकल्प’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। रैली अकबरपुर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से बचने का संदेश दिया। कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान डॉ. शताक्षी मिश्रा, डॉ. तनुश्री गुप्ता, डॉ. शिखा गोविल, डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. वजीर सिंह, इंजीनियर सतेंद्र कुमार, इंजीनियर आशीष प्रताप, इंजीनियर रामवीर सिंह, डॉ. आदेश कुमार सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।






