
हाथरस 06 अगस्त। मध्यस्थता केंद्र, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस में गुरुवार को मध्यस्थता अभियान-3.0 के अंतर्गत एक पारिवारिक मामले में दोनों पक्षों के बीच सुलह-समझौता कराया गया। यह कार्रवाई जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस विनय कुमार-तृतीय के मार्गदर्शन तथा सचिव अनु चौधरी की अध्यक्षता में की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी एवं मध्यस्थ अधिवक्ताओं जालिम सिंह, नीलकमल और रामप्रकाश सिंह के प्रयासों से दोनों पक्षकारों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हुआ। मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों की समस्याओं को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना गया। छोटी-छोटी बातों को लेकर उत्पन्न आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए पक्षकारों को मीडिएशन सेंटर यानी सुलह-समझौता केंद्र पर आपसी संवाद और शांतिपूर्ण विचार-विमर्श के लिए प्रेरित किया गया।
मध्यस्थों ने दोनों पक्षों के बीच विश्वास और सहयोग की भावना विकसित करते हुए उन्हें समझौते की स्थिति तक पहुंचाया। कुशल मध्यस्थता के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद का समाधान स्वीकार किया, जिससे लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से समाप्त किया जा सका। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के निस्तारण का प्रभावी और सहज माध्यम है। यह प्रक्रिया न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में भी सहायक होती है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि अधिक से अधिक वादों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराया जाए, जिससे परिवारों को टूटने से बचाया जा सके और जनसामान्य को शीघ्र न्याय उपलब्ध हो।











