
हाथरस 04 अगस्त। श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिंह के साथ मथुरा-बरेली राजमार्ग पर हाथरस से सिकंदराराऊ क्षेत्र तक विभिन्न कांवड़ शिविरों एवं यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मार्ग पर सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं का स्थलीय सत्यापन किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाथरस से सिकंदराराऊ मार्ग पर सलेमपुर चौकी तक पूरे कांवड़ मार्ग का भ्रमण कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने विभिन्न शिविरों में रोस्टर के अनुसार तैनात प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का मिलान किया। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए।
अधिकारियों ने कांवड़ शिविरों में स्थापित स्वास्थ्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता एवं उनकी एक्सपायरी डेट की जांच की गई, जिसमें सभी दवाएं मानक के अनुरूप एवं उपयोग योग्य पाई गईं। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रखी जाए। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक शिविर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का भी परीक्षण किया गया। सभी कैमरों को ऑनलाइन किया गया है, जिससे वरिष्ठ अधिकारी कंट्रोल रूम से शिविरों की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था एवं ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की नियमित निगरानी कर सकेंगे। इससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। यात्रा मार्ग पर स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता से कार्य करें। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।









