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सादाबाद 03 जुलाई। सावन का पहला सोमवार पर यमुना किनारे बसे प्राचीन बनखंडी महादेव धाम में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर ओर सिर्फ “बम-बम भोले” के जयघोष सुनाई दिए। सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मिढ़ावली के पास यमुना एक्सप्रेसवे पार, यमुना नदी के तट पर स्थित इस प्राचीन मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। नंगे पांव चलकर पहुंचे शिवभक्तों ने बाबा बनखंडी महादेव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और हरियाणा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सावन के पहले सोमवार पर यह आस्था अपने चरम पर दिखाई दी। हरिद्वार, सोरों राजघाट और अन्य गंगा घाटों से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने कलश कांवड़, डाक कांवड़ और कंधे की कांवड़ के साथ बाबा का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर और आसपास का पूरा इलाका शिवमय नजर आया। “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोषों से वातावरण घंटों तक गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की सेवा में समाजसेवी भी पूरे उत्साह के साथ जुटे रहे। ट्रैक्टर-ट्रॉली, छोटा हाथी और मैक्स वाहनों के माध्यम से विभिन्न स्थानों से पहुंचे लोगों ने प्रसाद वितरण की व्यवस्था संभाली। कहीं शरबत बांटा गया तो कहीं श्रद्धालुओं को भोजन और जल की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सेवा भाव ने इस धार्मिक आयोजन को और भी विशेष बना दिया। हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। महिला और पुरुष पुलिसकर्मी पूरे समय मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में मुस्तैद रहे। वहीं ग्राम प्रधान राजेश कुमार, मंदिर समिति और स्वयंसेवकों की टीम लगातार श्रद्धालुओं को दर्शन कराने, भीड़ को व्यवस्थित रखने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटी रही। आस्था, सेवा और व्यवस्था का यह अद्भुत संगम सावन के पहले सोमवार पर बनखंडी महादेव धाम को एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शिवधामों में शामिल होने का एहसास कराता नजर आया।

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