
हाथरस 01 अगस्त। श्रावण मास के अवसर पर तहसील समाधान दिवस के बाद जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ अलीगढ़-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों को कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा एवं सुविधा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सड़क किनारे लगाए जा रहे सैंडबैग्स को सड़क की बाईं ओर बनी सफेद लाइन से कम से कम तीन फीट की दूरी पर लगाने तथा स्पष्ट संकेतक स्थापित करने को कहा, ताकि कांवड़ यात्रियों का आवागमन निर्धारित बाईं लेन से ही हो। उन्होंने आवश्यक स्थानों पर चेक प्वाइंट स्थापित करने और भारी वाहनों के डायवर्जन को प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए, जिससे कांवड़ यात्रा दुर्घटनारहित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में केवल खाद्यान्न और उर्वरक आपूर्ति से जुड़े आवश्यक भारी वाहनों को ही आवागमन की अनुमति दी जा रही है, जबकि अन्य भारी वाहनों का डायवर्जन लागू है। उन्होंने अधिकारियों को यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। डीएम अतुल वत्स ने जनपदवासियों से भी अपील की कि घरों और प्रतिष्ठानों के सामने जलभराव अथवा गंदगी की स्थिति होने पर प्रशासन की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं भी साफ-सफाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हाथरस से बड़ी संख्या में कांवड़ श्रद्धालु गुजरते हैं, इसलिए सभी नागरिक ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ उनका स्वागत करें और उन्हें स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोग दें। उन्होंने कांवड़ श्रद्धालुओं से भी निर्धारित लेन का इस्तेमाल करने और यातायात नियमों का पालन करते हुए प्रशासन की व्यवस्थाओं में सहयोग करने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में करीब 35 निजी और 32 प्रशासनिक सहयोग से संचालित कांवड़ शिविर स्थापित किए गए हैं। सभी प्रमुख मार्गों पर व्यापक प्रकाश व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि पहली बार पांचों प्रमुख कांवड़ मार्गों को बेहतर रोशनी से आच्छादित किया गया है। बरेली-मथुरा हाईवे पर एक लेन कांवड़ श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह आरक्षित की गई है, जबकि दूसरी लेन सामान्य यातायात के लिए संचालित है।
उन्होंने बताया कि सभी प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट्स पर यातायात डायवर्जन से संबंधित सूचना बोर्ड और संकेतक लगाए गए हैं। इसके अलावा आमजन को विभिन्न माध्यमों से डायवर्जन व्यवस्था की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कांवड़ शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त विश्राम स्थल, पेयजल, फल-प्रसाद, पंखों की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार किट तथा आपातकालीन चिकित्सा एवं पुलिस सहायता के संपर्क नंबरों सहित आवश्यक सूचना पुस्तिका उपलब्ध रहे। उन्होंने शिविरों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और किसी भी कमी के सामने आने पर तत्काल उसका निराकरण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक कांवड़ श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके। निरीक्षण के दौरान प्रभारी वनाधिकारी, उप जिलाधिकारी सासनी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, प्रभारी अधिकारी एनएचएआई सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।










