
हाथरस/सासनी 01 अगस्त। तहसील सासनी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए अलीगढ़ मंडल की मंडलायुक्त संगीता सिंह ने जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ फरियादियों की शिकायतें और समस्याएं गंभीरता से सुनीं। मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 53 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से नौ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जनसुनवाई के दौरान मंडलायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि तहसील समाधान दिवस में आने वाली सामान्य शिकायतों का संबंधित विभाग समयसीमा के भीतर समाधान करें, ताकि आमजन को अपनी समस्या लेकर उच्चाधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक तहसील समाधान दिवस में निस्तारित मामलों के शिकायतकर्ताओं से स्वयं अथवा संबंधित माध्यम से संपर्क कर यह जानकारी ली जाए कि वे समाधान से संतुष्ट हैं या नहीं। यदि कोई शिकायतकर्ता निस्तारण के बावजूद असंतुष्ट पाया जाता है तो इसे संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली में कमी माना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल पोर्टल पर शिकायत निस्तारित अंकित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश नागरिकों को शासन की प्रक्रियाओं, नियमों और विभिन्न विभागों के डिजिटल पोर्टलों की पूरी जानकारी नहीं होती। ऐसे में अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना चाहिए। यदि किसी मामले में एक से अधिक जनपदों से संबंधित भूमि विवाद अथवा कोई जटिल तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसे तत्काल उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर समयबद्ध समाधान कराया जाए। साथ ही ऐसे मामलों का अध्ययन कर भविष्य में सामने आने वाली समान समस्याओं के समाधान के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाए।
मंडलायुक्त ने कहा कि तहसील समाधान दिवस महज औपचारिक उपस्थिति का मंच नहीं है, बल्कि यह जनता से सीधे संवाद स्थापित करने, उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने और प्रभावी समाधान उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत को गंभीरता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ लेते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पेंशन से जुड़े एक मामले का उल्लेख करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि कई बार लाभार्थी के खाते में धनराशि पहुंच जाती है, लेकिन उसे इसकी जानकारी नहीं हो पाती। उन्होंने संबंधित विभागों को तकनीक का अधिकाधिक उपयोग करते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करने के लिए शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, जिससे पेंशन अथवा अन्य योजनाओं की धनराशि लाभार्थी के खाते में पहुंचते ही उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से सूचना मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे शासन और जनता के बीच विश्वास, पारदर्शिता और संवाद और मजबूत होगा। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्राप्त प्रकरणों का समयबद्ध, तकनीकी रूप से सक्षम और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए तथा शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि तहसील समाधान दिवस शासन की प्रभावी व्यवस्था है, जिसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को सकारात्मक सोच और नवाचार के साथ कार्य करना चाहिए। यदि किसी अधिकारी के पास व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कोई नया सुझाव या नवाचार है तो उसे साझा किया जाए, ताकि उसे व्यापक स्तर पर लागू कर जनहित में उपयोग किया जा सके।
उन्होंने जनपद में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक नई पहल से सीख लेकर उसे अपनाने की आवश्यकता है। सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचारों को प्रोत्साहित करें और सफल मॉडलों का अध्ययन कर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप लागू करें, जिससे सुशासन की अवधारणा को और प्रभावी बनाते हुए आमजन को बेहतर एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। समाधान दिवस के समापन पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस दौरान मंडलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह की द्वितीय पुस्तक ‘फायर इन द सेमल ट्री’ के प्रकाशन पर जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उन्हें बधाई दी। समाधान दिवस में प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, एआर कॉपरेटिव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, उपायुक्त उद्योग, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत सासनी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता विद्युत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











