
हाथरस 01 अगस्त। मध्यस्थता केंद्र, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मध्यस्थता अभियान-2.0 के तहत दो पारिवारिक मामलों में पक्षकारों के बीच सुलह-समझौता कराया गया। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनय कुमार तृतीय के मार्गदर्शन तथा सचिव अनु चौधरी की अध्यक्षता में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत यह पहल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी एवं मध्यस्थ अधिवक्ता हितेन्द्र कुमार के प्रयासों से नितिन कुमार उर्फ काका आदि बनाम कान्ता प्रसाद तथा मीरा बनाम हरेन्द्र से संबंधित पारिवारिक मामलों में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षकारों की समस्याओं को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना गया तथा उन्हें आपसी संवाद के लिए प्रेरित किया गया। विश्वास, सहयोग और आपसी समझ की भावना विकसित करते हुए पक्षकारों को समझौते की स्थिति तक पहुंचाया गया। कुशल मध्यस्थता के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सका। समझौते के बाद पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने कहा कि मध्यस्थता विवादों के निस्तारण का प्रभावी और सहज माध्यम है। यह प्रक्रिया समय और धन दोनों की बचत करने के साथ ही समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में भी सहायक होती है। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रयास है कि अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से कराया जाए, जिससे आमजन को शीघ्र और सुलभ न्याय उपलब्ध कराया जा सके।










