
हाथरस 31 जुलाई। जनपद के चंदपा थाना क्षेत्र के गांव बुलगढ़ी में अनुसूचित जाति के युवक की हत्या के मामले में एडीजे एससी-एसटी कोर्ट ने आरोपी बनी सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने मामले की गंभीरता और रंजिश के चलते हत्या के आरोपों को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि 10 जुलाई को गांव निवासी सनी (19) की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई थी। घटना के बाद करीब दो घंटे तक उसका शव ट्रैक्टर के नीचे दबा रहा। मृतक के पिता संतोष कुमार ने गांव के ही ट्रैक्टर मालिक बनी सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस विवेचना के दौरान मामले में हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गईं। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में तर्क दिया कि बनी सिंह निर्दोष है। उनका कहना था कि घटना की सूचना स्वयं आरोपी ने थाने जाकर दी थी, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हो सकती है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मृतक को ट्रैक्टर चलाने का शौक था और मना करने के बावजूद वह ट्रैक्टर पर बैठ गया, जिसके बाद ट्रैक्टर पलटने से यह हादसा हुआ। साथ ही यह भी बताया गया कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है। वहीं, वादी पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि घटना से करीब 15 दिन पहले मृतक के पिता ने आरोपी के खेत में बाजरे की कटाई की थी। मजदूरी मांगने पर आरोपी बनी सिंह और सुनील सिंह ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया तथा जान से मारने की धमकी दी थी। इसी रंजिश के चलते आरोपी ने जानबूझकर दूसरे ट्रैक्टर से टक्कर मारकर सनी के ट्रैक्टर को पलटा, जिससे उसकी मौत हो गई। वादी पक्ष ने यह भी कहा कि घटना के समय परिवार सदमे में होने के कारण शुरुआत में दुर्घटना की तहरीर दी गई थी, लेकिन बाद में तथ्यों के आधार पर हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि मामला गंभीर प्रकृति का है तथा प्रथम दृष्टया मजदूरी के विवाद से उपजी रंजिश में हत्या के आरोप हैं। मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना न्यायालय ने आरोपी बनी सिंह की जमानत याचिका निरस्त कर दी।





