सिकन्दराराऊ : ट्रॉमा सेंटर के पूर्ण संचालन में देरी पर पूर्व एमएलसी डॉ. राकेश सिंह राना ने उठाए सवाल
सिकन्दराराऊ 31 जुलाई। पूर्व एमएलसी डॉ. राकेश सिंह राना ने सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर के पूर्ण संचालन में हो रही देरी को लेकर भाजपा विधायक के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में स्वीकृत और 2016 में बनकर तैयार हुआ ट्रॉमा सेंटर नौ वर्ष बाद भी पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं हो सका है। डॉ. राना ने बताया कि उन्होंने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री स्वर्गीय अहमद हसन से अनुरोध कर वर्ष 2015 में ट्रॉमा सेंटर की स्वीकृति दिलाई थी। इसके निर्माण के लिए धनराशि भी उसी समय स्वीकृत हुई और वर्ष 2016 में भवन का निर्माण कार्य पूरा हो गया था। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों एवं अन्य स्टाफ की कमी के कारण ट्रॉमा सेंटर का संचालन शुरू नहीं हो पाया। उनका आरोप है कि वर्ष 2017 से प्रदेश और क्षेत्र में भाजपा की सरकार तथा स्थानीय भाजपा विधायक होने के बावजूद ट्रॉमा सेंटर को पूरी क्षमता के साथ संचालित नहीं कराया जा सका। पूर्व एमएलसी ने सवाल किया कि यदि ट्रॉमा सेंटर वास्तव में विधायक का “ड्रीम प्रोजेक्ट” था, तो पिछले नौ वर्षों में इसे पूर्ण रूप से कार्यशील क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान, गांव-गांव बैठकों और जनदबाव के बाद ही प्रशासन ने यहां डॉक्टरों की तैनाती कर संचालन शुरू कराया। डॉ. राना ने आरोप लगाया कि वर्तमान में भी ट्रॉमा सेंटर में विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, आवश्यक दवाइयों और आधुनिक जांच मशीनों की कमी बनी हुई है। उन्होंने विधायक को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक चिंता है, तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ट्रॉमा सेंटर को सभी मानकों के अनुरूप पूर्ण रूप से संचालित कराकर दिखाएं। उन्होंने वाजिदपुर, मऊ, पोरा, महो सहित क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी चिकित्सकों की नियुक्ति, पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित कराने की मांग की। उनका कहना था कि जनता अब केवल दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाले विकास कार्यों पर विश्वास करती है।
सीएचसी प्रशासन का पक्ष
इस संबंध में सीएचसी प्रभारी ने बताया कि सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर लगातार संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती तथा आवश्यक मशीनों की उपलब्धता के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और जल्द ही शेष कमियों को भी दूर कर लिया जाएगा।





