
हाथरस 29 जुलाई । सिकंद्राराऊ कोतवाली में फर्जी मेडिकल डिग्री, अवैध अस्पताल संचालन, फर्जी चिकित्सीय दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर आरोपों में कुछ डॉक्टरों एवं उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई नई दिल्ली निवासी मोहम्मद साजिद द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है, जिसमें फर्जी डिग्री, मेडिकल काउंसिल पंजीकरण, अस्पताल संचालन, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
शिकायत में डॉ. सुकुमार यादव, डॉ. अनीता सिंह यादव, इकबाल मियां, सदफ, वसीफ तथा उनके तीन अन्य सहयोगियों पर फर्जी एमबीबीएस/एमएस डिग्री और फर्जी यूपीएमसी पंजीकरण के आधार पर अस्पताल संचालित करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में यह भी आरोप है कि अभियुक्तों द्वारा फर्जी मेडिकल एवं गर्भपात रिपोर्ट तैयार कर उनका दुरुपयोग किया जाता था तथा लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर धन उगाही की जाती थी। शिकायत केवल श्रीकृष्णा हॉस्पिटल और सिटी हॉस्पिटल तक सीमित नहीं थी, बल्कि विभिन्न जनपदों में संचालित कथित अवैध अस्पतालों और फर्जी चिकित्सीय दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में संबंधित अस्पतालों के पंजीकरण निरस्त कर उन्हें सील कर दिया गया। साथ ही डॉ. सुकुमार यादव एवं डॉ. अनीता सिंह यादव के यूपीएमसी पंजीकरण में भी गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होने पर सीएमओ ने थाना प्रभारी सिकंद्राराऊ को संबंधित अभिलेख भेजते हुए एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता मोहम्मद साजिद का कहना है कि सीएमओ की जांच उनकी मूल आईजीआरएस शिकायत का परिणाम है, इसलिए एफआईआर का आधार भी वही शिकायत है। उन्होंने पुलिस से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, अस्पतालों के अभिलेख, संबंधित विश्वविद्यालयों तथा उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल से रिकॉर्ड जुटाकर निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।








