
हाथरस/सहपऊ 28 जुलाई। सहपऊ क्षेत्र में मंदिर के पुजारी की हत्या, डाकघर से स्वैप मशीन चोरी और कैनरा बैंक में सेंधमारी जैसी तीन सनसनीखेज वारदातों का हाथरस पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। एसओजी, एंटी थेफ्ट टीम और थाना सहपऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सरिया, ईंट और चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि तीनों घटनाओं को एक ही गैंग ने अंजाम दिया था।
पुलिस के अनुसार, 8 जून 2026 को प्रबल कुमार ने थाना सहपऊ में सूचना दी थी कि उनके छोटे भाई दिलीप कुमार उर्फ चन्दो लाला, जो हनुमान टीला मंदिर में रहकर सेवा-पूजा करते थे, उनकी 7/8 जून की रात सिर पर ईंट और अन्य हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। इसके बाद 20 जुलाई को सहपऊ डाकघर से एसबीआई पेमेंट स्वैप मशीन चोरी होने और 23 जुलाई को कैनरा बैंक की दीवार तोड़कर सेंधमारी के प्रयास की घटनाएं सामने आईं। तीनों मामलों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने स्वयं जांच की निगरानी की। अपर पुलिस अधीक्षक रामानन्द कुशवाहा के निर्देशन में एसओजी, एंटी थेफ्ट, सर्विलांस, थाना सहपऊ पुलिस और तकनीकी विश्लेषण टीम सहित पांच विशेष टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का फ्रेम-दर-फ्रेम विश्लेषण किया गया। साथ ही यक्ष (YAKSH) ऐप, मोबाइल डेटा, डिजिटल ट्रेल और ग्राउंड इंटेलिजेंस की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का मिलान किया गया।
पुलिस जांच में घटनास्थल पर मिले विशेष फुटमार्क भी अहम सुराग साबित हुए। अधिकारियों के अनुसार एक आरोपी के दाहिने पैर के पंजों के बल चलने के निशान लगातार घटनास्थलों पर मिले, जिससे पुलिस संदिग्धों तक पहुंचने में सफल रही। तकनीकी साक्ष्यों, फुटमार्क, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर 28 जुलाई को संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक बाल अपचारी को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि हनुमान टीला मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के लिए चंदा एकत्र किया जा रहा है। इसी लालच में वे चोरी के इरादे से मंदिर पहुंचे थे। रात में बाबा दिलीप कुमार के तकिए के नीचे रखी चाबी निकालने का प्रयास किया, लेकिन बाबा के जाग जाने और पहचान लेने पर उन्होंने सरिया और ईंट से हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद भी उन्हें कोई धनराशि नहीं मिली।
आरोपियों ने आगे बताया कि आर्थिक लाभ न मिलने पर उन्होंने 19/20 जुलाई की रात सहपऊ डाकघर से एसबीआई की स्वैप मशीन चोरी की। मशीन से नकदी निकालने में असफल रहने पर उसे तोड़ दिया। इसके बाद 22/23 जुलाई की रात कैनरा बैंक सहपऊ की दीवार तोड़कर बैंक में घुसे, लेकिन वहां भी कोई नकदी या मूल्यवान सामान हाथ नहीं लगा। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सरिया, ईंट तथा चोरी की गई स्वैप मशीन के पार्ट्स बरामद कर तीनों मामलों का सफल अनावरण कर दिया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और अन्य संभावित वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।







