हाथरस 27 जुलाई। हसायन ब्लॉक की ग्राम पंचायत हैथा रघुनाथपुर के पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित पर एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने, धमकाने और फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाने का आरोप लगाया है। पूर्व प्रधान ने मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी एवं शासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं, सीडीओ ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए उन्हें सिरे से खारिज कर दिया है।
पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री का कहना है कि ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की शिकायत के बाद उन्हें सीडीओ कार्यालय बुलाया गया था। उनका आरोप है कि वहां उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। रिश्वत देने से इनकार करने पर सीडीओ ने अपनी पत्नी के भाजपा जिलाध्यक्ष होने और मुख्यमंत्री तक पहुंच होने का हवाला देते हुए परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत का कंप्यूटर खराब होने पर 24 नवंबर 2025 को एडीओ पंचायत को इसकी सूचना दी गई थी और विभागीय व्यवस्था न होने के कारण कंप्यूटर को दिल्ली में मरम्मत के लिए भेजा गया था। इसके बावजूद इसी मामले को आधार बनाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और हसायन थाने में झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
पूर्व प्रधान ने आरोप लगाया कि उन्होंने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत राज अधिकारी, बीडीओ सहित अन्य अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि 24 जून 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। उनका यह भी आरोप है कि उच्च न्यायालय द्वारा छह सप्ताह में जांच पूरी करने के आदेश के बावजूद अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने पूर्व प्रधान के सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर चोरी के मामले में पूर्व प्रधान पहले ही जेल जा चुके हैं और उनके अधिकार भी सीज किए जा चुके हैं। सीडीओ के अनुसार, बीते चार वर्षों में पूर्व प्रधान ने ग्राम पंचायत में कोई विकास कार्य नहीं कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल से बाहर आने के बाद पूर्व प्रधान केवल प्रचार और प्रसिद्धि पाने के उद्देश्य से इस प्रकार के बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।











