
लखनऊ/हाथरस 27 जुलाई। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा, हाथरस ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर आज अपर जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष हाजी नवाब हसन अब्बासी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जोहर विश्वविद्यालय हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा स्थानीय लोगों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई संविधान, कानून तथा प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप की जानी चाहिए। यदि निर्माण अथवा भूमि संबंधी कोई विवाद है तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विश्वविद्यालय का निर्माण उस समय हुआ था, जब संबंधित क्षेत्र ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता था और उस समय रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) की अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। बाद में 27 सितंबर 2024 को ग्राम सींगनखेड़ा को रामपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल किया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण उससे पहले ही पूरा हो चुका था। समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जनहित एवं छात्रहित के विपरीत है। संगठन ने मांग की कि इस कार्रवाई को निरस्त कर निष्पक्ष, पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से विवाद का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से अनुरोध किया गया कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा के हित को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा न्यायसंगत निर्णय सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष हाजी नवाब हसन अब्बासी के अलावा सुनील कुमार दिवाकर, अकील कुरैशी (जिला उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक सभा), रूप किशोर कश्यप (प्रदेश सचिव, पिछड़ा प्रकोष्ठ), नरेश दिवाकर (जिलाध्यक्ष, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड), शैलेंद्र सिंह सेंगर (हाथरस विधानसभा अध्यक्ष), शिवा भारती (नगर अध्यक्ष, युवजन सभा), हेमंत गौड़ (पूर्व नगर अध्यक्ष), रोहित कुमार (जिला महासचिव, लोहिया वाहिनी), अनिल कुमार शर्मा, कुलदीप सिंह, अंशुल यादव, नितिन अग्रवाल, ओम प्रकाश वार्ष्णेय (जिला सचिव), भूपेंद्र उपाध्याय, सुरेश काला, जुगनू माहौर, अतुल सेंगर, अरमान कुरैशी, मानवेंद्र कुशवाह, प्रशांत ठाकुर, रशीद खां सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








