सादाबाद 24 जुलाई। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों और युवाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन की शुरुआत कस्बे के मथुरा अड्डा स्थित पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा स्थल से हुई। यहां बड़ी संख्या में किसान और युवा एकत्र हुए और हाथों में टॉर्च लेकर मार्च निकाला। यह मार्च मुख्य मार्गों से होते हुए सादाबाद रोडवेज बस स्टैंड तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष चंद्रेश चौधरी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को निंदनीय बताया। चौधरी ने सरकार से छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की। चंद्रेश चौधरी ने नीट परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी तरीके से कराने और इससे जुड़े विवादों में छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जोर दिया कि युवाओं का भविष्य देश के लिए महत्वपूर्ण है और यदि धांधली जारी रही तो लाखों परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान किसानों और युवाओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। टॉर्च मार्च में भारतीय किसान यूनियन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।









