
हाथरस 18 जुलाई। मानव अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्यरत एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स संस्था द्वारा दो अज्ञात शवों का हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया। यह सेवा कार्य संस्था की देखरेख में समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में संपन्न हुआ। संस्था के अनुसार पहला अज्ञात शव 13 जुलाई को सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र में सिकंदराराऊ से पहले स्थित बंबे में मिला था। मृतक की अनुमानित आयु लगभग 55 वर्ष थी तथा उसने सफेद पायजामा और सफेद शर्ट पहन रखी थी। दूसरा अज्ञात शव 14 जुलाई को हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन के निकट रेलवे ट्रैक पर मिला। मृतक की अनुमानित आयु लगभग 52 वर्ष थी। उसने नीले रंग का एडिडास लोअर और पीले रंग की शर्ट पहन रखी थी। उसके दाहिने गाल पर गड्ढे का निशान भी था। पुलिस ने दोनों शवों की पहचान के लिए नियमानुसार 72 घंटे तक प्रयास किए, लेकिन शिनाख्त न होने पर उन्हें लावारिस घोषित करते हुए पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस ने समाजसेवी सुनीत आर्य एवं प्रवीन वार्ष्णेय से अंतिम संस्कार कराने का अनुरोध किया। समाजसेवियों ने दोनों अज्ञात शवों का पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और सम्मान के साथ दाह संस्कार कराया। इस पुनीत कार्य में एडीएचआर के पदाधिकारी अभिषेक अग्रवाल एवं महेश चंद्र अग्रवाल तथा एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा। अंतिम संस्कार के दौरान एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, समाजसेवी सुनीत आर्य, एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, आयोग दीपक, बंटी भाई कपड़े वाले, नीरज गोयल, तरुण राघव, सत्येंद्र मोहन राही, दीपांशु वार्ष्णेय, विशाल सोनी, आलोक अग्रवाल, हेड कांस्टेबल योगेंद्र सिंह, होमगार्ड वदन सिंह, मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार तथा आरक्षी सुधीर कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाजसेवियों ने कहा कि हर व्यक्ति को मृत्यु के बाद सम्मानजनक अंतिम संस्कार का अधिकार है। इसी मानवीय भावना के साथ संस्था भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्य निरंतर करती रहेगी।





