
हाथरस 15 जुलाई। धान की रोपाई शुरू होने के साथ ही किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान नगला भुस स्थित तिवारी खाद भंडार, मीतई का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खाद के स्टॉक, विक्रय व्यवस्था एवं अभिलेखों की गहन जांच की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र पर उपलब्ध यूरिया, डीएपी, पोटाश एवं अन्य उर्वरकों के स्टॉक की जानकारी ली और विक्रय पंजिका का अवलोकन किया। जांच में पाया गया कि खाद खरीदने वाले किसानों के मोबाइल नंबर विक्रय पंजिका में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक खाद क्रेता का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसानों से संपर्क कर यह सत्यापित किया जा सके कि उन्हें निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई गई है। जिलाधिकारी द्वारा स्टॉक पंजिका प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाने पर केंद्र पर मौजूद व्यक्ति उसे उपलब्ध नहीं करा सका। वहीं जानकारी लेने पर बताया गया कि यूरिया की बिक्री शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर की जा रही है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि केंद्र पर अधिकृत विक्रेता उपस्थित नहीं था। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों का विक्रय ई-पॉस मशीन के माध्यम से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाना अनिवार्य है। अधिकृत विक्रेता की अनुपस्थिति में यह प्रक्रिया प्रभावित होती है। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी कारणवश अधिकृत विक्रेता उपलब्ध न हो तो इसकी सूचना केंद्र पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। उन्होंने खाद विक्रेताओं को निर्देशित किया कि केंद्र पर सभी प्रमुख उर्वरकों के निर्धारित विक्रय मूल्य तथा उपलब्ध स्टॉक का विवरण सूचना पट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि जनपद में किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी खाद विक्रेता द्वारा कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता किए जाने की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए जनपद में इस प्रकार के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










