
हाथरस 07 जुलाई । मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वेद प्रकाश के निर्देश पर आज स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हसायन, सासनी और सहपऊ क्षेत्र में झोलाछाप क्लीनिकों, पैथोलॉजी एवं अवैध चिकित्सालयों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर अनियमितताएं मिलने पर उन्हें बंद कराया गया, जबकि कई संचालकों को नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान शिव शक्ति क्लीनिक खुला मिला। संचालक किशन पाल सिंह ने बताया कि चिकित्सक डॉ. आदिल अंसारी पिछले तीन दिनों से क्लीनिक पर नहीं आ रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने संचालक को चेतावनी देते हुए दो दिन के भीतर सभी अभिलेखों सहित कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए। साथ ही अगले निरीक्षण में चिकित्सक की अनुपस्थिति मिलने पर क्लीनिक को सील करने की चेतावनी दी गई। गढ़ौला चौराहा, हसायन स्थित डॉ. गौतम के क्लीनिक को पूर्व में जारी नोटिस का जवाब न देने पर बंद करा दिया गया। वहीं हसायन मेन रोड पर संचालित श्रीमती कपूरी देवी के क्लीनिक एवं डिलीवरी सेंटर को नोटिस जारी कर पंजीकरण एवं चिकित्सीय अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार डॉ. कांती प्रसाद के क्लीनिक को नोटिस जारी करते हुए उसका संचालन बंद कराया गया तथा अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। दरियापुर स्थित बल गोपाल प्राकृतिक चिकित्सालय में अभिलेख उपलब्ध न होने पर नोटिस जारी किया गया। सासनी के जलेसर रोड, लुटसान स्थित ड्रीम्स केयर पैथोलॉजी में निरीक्षण के दौरान संचालक द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय का पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने पर प्रतिष्ठान को बंद करा दिया गया। वहीं मनोसा देवी इलेक्ट्रोहोम्योपैथी क्लीनिक, नानऊ रोड, सासनी पर भी अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं मिले। स्वास्थ्य विभाग ने नोटिस जारी कर सभी दस्तावेज कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके अलावा माणिकपुर (सहपऊ) में संचालित एक चिकित्सीय प्रतिष्ठान, जहां डॉ. कोमल सिंह के नाम से उपचार किया जा रहा था, आवश्यक पंजीकरण एवं अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने पर बंद करा दिया गया। इसी प्रकार सहपऊ में डॉ. अकरम सुलेमानी के नाम से संचालित एक अन्य क्लीनिक को भी बिना वैध अभिलेख एवं पंजीकरण के संचालन करने पर बंद कर दिया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वेद प्रकाश ने स्पष्ट किया कि जनपद में झोलाछाप चिकित्सकों एवं बिना वैध पंजीकरण के संचालित चिकित्सीय प्रतिष्ठानों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


























