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हाथरस 04 जुलाई। आईडीबीआई बैंक की अलीगढ़ रोड शाखा में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक किसान के नाम पांच लाख रुपये का कृषि ऋण स्वीकृत कराने का मामला सामने आया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश पर कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने बैंक मैनेजर समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव कुटैरा (पोरा), थाना सिकंदराराऊ निवासी रामभजन सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह अनपढ़ हैं और हस्ताक्षर के स्थान पर अंगूठा लगाते हैं। उनके अनुसार वर्ष 2016 में आईडीबीआई बैंक लिमिटेड, अलीगढ़ रोड शाखा, हाथरस से नोटिस मिलने पर उन्हें पहली बार पता चला कि उनके नाम से कृषि ऋण स्वीकृत किया गया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन बैंक मैनेजर संग्राम सिंह, फील्ड ऑफिसर राजकुमार सिंह, रामजीत निवासी कुटैरा, महीपाल निवासी नगला तारासिंह तथा अमरवीर ने आपस में मिलीभगत कर उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। शिकायत के अनुसार ऋण आवेदन पत्र पर अंग्रेजी में फर्जी हस्ताक्षर किए गए, जबकि वह हस्ताक्षर करना जानते ही नहीं हैं। इतना ही नहीं, आवेदन में उनकी पत्नी का नाम मोहन देवी के स्थान पर फूलमती तथा बच्चों के नाम भी गलत अंकित किए गए।

रामभजन सिंह का कहना है कि ऋण के लिए प्रस्तुत भूमि अभिलेख में उनकी लगभग एक बीघा तीन बिस्वा भूमि दर्शाई गई थी, जिसकी वर्ष 2016 में कीमत लगभग एक लाख रुपये थी। इसके बावजूद उसी भूमि के आधार पर पांच लाख रुपये का कृषि ऋण स्वीकृत कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऋण की राशि का गबन कर आपस में बांट लिया गया और उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने बैंक अधिकारियों से शिकायत की तो उनकी बात नहीं सुनी गई। इसके बाद उन्होंने थाना पुलिस और पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जिसके आदेश पर कोतवाली हाथरस गेट में बैंक मैनेजर समेत पांच आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

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