
हाथरस 07 जुलाई। हतीसा के निकट स्थित कैलाश ढाबा फायरिंग कांड में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी हेमू ठाकुर उर्फ सचिन निवासी गंगचौली ने मंगलवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। खास बात यह रही कि कोर्ट परिसर में पुलिस की निगरानी के बावजूद आरोपी पुलिस की नजरों से बचकर अदालत पहुंचने और सरेंडर करने में सफल रहा। गौरतलब है कि 18 जून को थाना हाथरस गेट क्षेत्र स्थित कैलाश ढाबा पर छोटू राणा और उसके साथियों तथा शानू और उसके साथियों के बीच फायरिंग की घटना हुई थी। मामले में थाना हाथरस गेट पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने छह आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने घटना के बाद मुठभेड़ के दौरान आरोपी मोना और शानू को गिरफ्तार किया था। मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी थी। उपचार के बाद उन्हें न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया था। वहीं, अनुज निवासी गंगचौली, हेमू ठाकुर उर्फ सचिन निवासी गंगचौली, अंकित उर्फ अंकिता निवासी गंगचौली और जितेंद्र निवासी खेड़ा परसौली लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस को आशंका थी कि फरार आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इसी को देखते हुए थाना हाथरस गेट पुलिस ने कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की थी। इसके बावजूद हेमू ठाकुर न्यायालय पहुंचकर आत्मसमर्पण करने में सफल रहा। आत्मसमर्पण की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हेमू ठाकुर से फायरिंग की घटना की साजिश और उसमें उसकी भूमिका के संबंध में पूछताछ की जाएगी। वहीं, फरार चल रहे अन्य तीन आरोपियों अनुज, अंकित और जितेंद्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि शेष आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




















