सिकन्दराराऊ (पुरदिलनगर) 23 जून। युवा सनातन धर्म प्रेमी एवं समाजसेवी दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ ने अपनी अटूट आस्था, दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए 45 दिवसीय पदयात्रा के दौरान माता वैष्णो देवी के पावन दरबार में पहुंचकर दर्शन किए। उनकी इस तपस्वी यात्रा की क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है और लोग इसे आस्था एवं समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ ने 10 मई को अपने निवास पुरदिल नगर से नगरवासियों के आशीर्वाद के साथ लगभग 1700 किलोमीटर लंबी अमरनाथ यात्रा के लिए पैदल प्रस्थान किया था। यात्रा के दौरान उन्होंने देश के कई प्रमुख सिद्धपीठों एवं शक्तिपीठों में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। अपनी यात्रा के क्रम में उन्होंने कर्णवास, बेलोन, चौडरे वाली देवी, शाकंभरी देवी, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैना देवी, चिंतपूर्णी देवी, ज्वाला देवी, नागरकोट स्थित ब्रजेश्वरी देवी मंदिर, बगलामुखी देवी तथा चामुंडा देवी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इन सभी शक्तिपीठों में माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद वे माता वैष्णो देवी के पवित्र दरबार तक पहुंचे। विशेष बात यह है कि यह पहला अवसर नहीं है जब स्नेही जी ने माता वैष्णो देवी की पदयात्रा की हो। इससे पूर्व भी वे लगभग 900 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर माता रानी के दरबार में पहुंच चुके हैं। उनके साहस, अनुशासन और धर्म के प्रति समर्पण को लेकर पुरदिल नगर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोग गौरव की अनुभूति कर रहे हैं।
अब उनकी यात्रा का अगला और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पवित्र अमरनाथ गुफा है, जहां वे बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अग्रसर हैं। नगर के नागरिक उनकी सफल यात्रा और सुरक्षित वापसी के लिए निरंतर प्रार्थना कर रहे हैं।बी फोन पर हुई बातचीत में दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें प्रतिकूल मौसम, शारीरिक थकान और संसाधनों की कमी जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी आस्था और संकल्प ने उन्हें कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि जब उद्देश्य बड़ा हो और विश्वास अटूट हो, तब कठिनाइयां भी साधना का हिस्सा बन जाती हैं। स्नेही जी ने कहा कि उनका जीवन समाज में जागरूकता फैलाने, शिक्षा के प्रसार और सनातन संस्कृति के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपने धर्म, संस्कृति, संस्कार और इतिहास के प्रति जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि सनातन परंपरा को मजबूत बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। दिनेश शर्मा ‘स्नेही’ की यह 45 दिवसीय पदयात्रा अब केवल एक व्यक्तिगत धार्मिक यात्रा नहीं रह गई है, बल्कि आस्था, साहस, अनुशासन और सनातन चेतना का प्रेरणादायक संदेश बन चुकी है। माता वैष्णो देवी के चरणों तक पहुंचने का यह गौरवपूर्ण क्षण पुरदिल नगर के लिए भी गर्व और प्रेरणा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें उस क्षण पर टिकी हैं, जब वे बाबा बर्फानी के पावन धाम में पहुंचकर अपनी इस ऐतिहासिक यात्रा के अगले अध्याय को पूर्ण करेंगे।

























