सादाबाद 20 जून। तहसील परिसर स्थित उपनिबंधक कार्यालय में ‘फ्रंट ऑफिस’ प्रणाली लागू किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन के कारण रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे जमीनों की खरीद-फरोख्त समेत सभी संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने सरकार की इस नई व्यवस्था को जनविरोधी बताया है। उनका कहना है कि ‘फ्रंट ऑफिस’ प्रणाली लागू होने से वर्षों से दस्तावेज लेखन, स्टांप बिक्री, टाइपिंग और अन्य संबंधित कार्यों से जुड़े हजारों लोगों की आजीविका पर संकट आ गया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने हितधारकों से बिना चर्चा किए यह व्यवस्था लागू की है, जिससे पारंपरिक रोजगार समाप्त होने की आशंका है। हड़ताल के कारण तहसील परिसर की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। रजिस्ट्री कार्यालय बंद होने से संपत्ति की खरीद-फरोख्त, बैनामा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। दूर-दराज से आने वाले लोगों को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ रहा है, जिससेयू उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धरने की अध्यक्षता राकेश चौधरी ने की। इस दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने ‘फ्रंट ऑफिस’ प्रणाली लागू करने का निर्णय शीघ्र वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। इस धरना-प्रदर्शन में राजकुमार दीक्षित, श्याम सुंदर गिरी, तेज बहादुर जायसवाल, वरुण जायसवाल, मनु जायसवाल, तपन जोहर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, स्टांप विक्रेता और टाइपिस्ट मौजूद रहे।






















