सिकन्दराराऊ (हसायन) 15 जून ।विकासखंड कोतवाली क्षेत्र हसायन स्थित कस्बा हसायन के मोहल्ला किला खेडा स्थित प्रसिद्ध प्राचीन श्री हनुमान जी महाराज की बगीची के पीछे राजा अवागढ़ वाले की ऐतिहासिक प्राचीन प्रसिद्ध झील नॉन जेड ए की जमीन पर आज पंद्रह जून सोमवार को एक बजे करीब तहसील स्तरीय राजस्व कर्मचारी नायब तहसीलदार सिकंद्रराऊ,रामनरेश कानून गो राजस्व निरीक्षक,हल्का लेखपाल राजस्व कर्मचारी व कोतवाली पुलिस मौके पर पहुचीं।मौके पर पैमाइश की कार्रवाई प्रारंभ करते ही पहले पक्ष के कब्जाधारी लोगों के द्वारा कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर दिया।पैमाइश की कार्रवाई किए जाने के दौरान दो पक्षों के लोग प्राचीन ऐतिहासिक झील की जमीन पर अपना अपना कब्जा होने का दाबा करते हुए आमने सामने आ गए।पैमाइश व कब्जा की कार्रवाई किए जाने के दौरान मौके पर कोतवाली पुलिस टीम व राजस्व कर्मियो की टीम के सामने दो पक्षों में जमकर गाली गलौज होते होते लाठी डंडे के साथ चाकू चलने से अफरा तफरी मच गई।प्राचीन जमीन पर हुए पैमाइश व कब्जे के विवाद में दो पुरुष व एक महिला एक पक्ष से तीन लोग घायल हो गए।पुलिस के सामने हुई मारपीट के दौरान कोतवाली पुलिस झगडे के दौरान घायल महिला पुरूषों को प्राचीन ऐतिहासिक जमीन पर पडे हुए दिखाई दिए।पुलिस मौके पर मौजूद होने के बाद भी तमशबीन बनी हुई दिखाई दी।अशोक कुमार पुत्र बनवारीलाल ने जानकारी देते हुए बताया कि काफी बर्षो से पहले हमारे चार पुश्तों के लोग राजा आवगढ के यहां मेहनत मजदूरी किया करते थे।काफी समय पहले राजा अवागढ राजा बलवंत सिंह के द्वारा हमारे पूर्वजों के नाम से हसायन कस्बा की अपनी रियासत से अडसठ बीघा का पट्टा कर काबिज किया था।प्राचीन समय से ही हरारे पूर्खे पूर्वज प्राचीन ऐतिहासिक राजा आवगढ की नॉन जेड ए की इस जमीन पर काफी प्राचीन समय से ही खेती करते आ रहे हैं।कुछ वर्ष पहले गांव छीतूपुर के रहने वाले एक झोलाछाप स्तर के डिप्टी सिंह ने फर्जी तरीके से अवैध रूप से पट्टा बैनामा कर कोतवाली पुलिस को दो लाख रुपये व राजस्व निरीक्षक रामनरेश राजस्व विभाग को पाच लाख रुपये देकर बिना किसी परमिशन आदेश के ही हमारी जमीन पर पैमाइश कर कब्जा दिलाने के लिए पहुंची।सोमवार को झगडा होने के बाद कोतवाली पुलिस टीम के सामने हुई मारपीट के दौरान घायलों को दूसरे पक्ष से बचाए जाने के बजाए मारपीट कराए जाने से नाराज पीडित पक्ष ने कार्रवाई की मांग को लेकर अपने घायल कन्हैया पुत्र रूप सिंह,शंकुतला पत्नी ओमवीर सिंह,केशव पुत्र कन्हैया लाल,सतीश पुत्र कन्हैया लाल परिजनों को लेकर कस्बा के मुख्य बाजार बांण अब्दुलहईपुर मार्ग तिराहा पर चारपाई पर लेटे हुए घायल व्यक्ति व महिला को सडक पर रखकर जाम लगाते हुए पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।जाम लगाए जाने की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस के अलावा सलेमपुर चौकी व डायल एक सौ बारह पुलिस टीम भी मौके पर पहुंचकर समझाने लगी।मगर समाचार लिखे जाने तक पीडित पक्ष मौके पर जाम लगाए हुए बैठे दिखाई दिए।इस संबंध में अपर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि उन्होने इस संबंध में एसडीएम,तहसीलदार,नायाब तहसीलदार,राजस्व निरीक्षक कानूनगो संबधित हल्का लेखपाल को मैने बुलाया है।उनसे जानकारी करने के बाद ही कुछ जानकारी दे पाऊंगा,अगर आपके पास साक्ष्य सबूत वीडियो फोटो हो तो मेरे पास वाटसअप पर भेज सकते है।इस संबंध में जब एसडीएम धर्मेन्द्र सिंह चौहान के सीयूजी पर कॉल किया तो एसडीएम के बजाए उनके किसी अधीनस्थ कर्मचारी ने फोन उठाकर बताया कि वह एडीएम साहब के साथ मीटिंग में है।इस संबंध में राजस्व निरीक्षक रामनरेश से जानकारी करने के लिए फोन कॉल किया तो उन्होने फोन कॉल रिसीव करना भी जरूरी नही समझा।जब कोतवाली प्रभारी गिरीश चन्द्र गौतम से जाम के खुलने व पीडित पक्ष के द्वारा रूपए लेकर बिना आदेश के पैमाइश नापतोल कराकर कब्जा दिलाए जाने के आरोप के बारे में पूछा तो उन्होने बताया कि जाम अभी खुला नही है खुल जाएगा लोग मजे ले रहे है मजे ले लेने दो।अगर आरोप लगा रहे है तो निकाल देओ न कौन मना कर रहा है।हम आदेश पर गए थे हम टीम के साथ गए थे।हमारा क्या काम है।आदेश के बारे में पूछा तो एसडीएम के आदेश पर गए हुए थे।बिना आदेश के तो हम जाते ही नही है।एसडीएम के द्वारा नापतौल के आदेश थे।एसडीएम से इस संबंध में पूछिए।हमारा तो कोई मतलब नही है।पूरी टीम थी नायब तहसीलदार,राजस्व निरीक्षक दो लेखपाल थे।इन लोगों की ही गलती है जब तक तो कुछ हुआ भी नही था।