
हाथरस 05 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज भारत विकास परिषद (संस्कार शाखा) की पर्यावरण गतिविधि के अंतर्गत एक वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हाथरस के बेलन नगला स्थित जैन बगीची में यह गरिमामयी कार्यक्रम कृष्ण कुमार अग्रवाल (गारमेंट वाले) के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि संस्कार शाखा के सदस्य बेहद भारी संख्या में उपस्थित रहे। परिषद के नियमों और अनुशासन का पालन करते हुए अधिकतर सदस्य सुबह 8:00 बजे ही परिषद की निर्धारित टी-शर्ट (ड्रेस कोड) में कार्यक्रम स्थल पर एकत्रित हो गए थे। पर्यावरण को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जैन बगीची परिसर में विभिन्न प्रजातियों के 21 पौधे रोपे गए। इसके साथ ही, पौधों को मवेशियों और अन्य खतरों से बचाने के लिए मौके पर ही 11 मजबूत ट्री-गार्ड भी लगाए गए। पदाधिकारियों ने बताया कि संस्था का यह विशेष वृक्षारोपण अभियान आगामी 5 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा, जिसके तहत जनपद में सैकड़ों पौधे रोपे जाएंगे। वृक्षारोपण के उपरांत सभी उपस्थित सदस्यों के लिए स्वास्थ्य अनुकूल व पौष्टिक जलपान की सुंदर व्यवस्था की गई।
पर्यावरण संरक्षण के तुरंत बाद संस्कार शाखा के सभी पदाधिकारी और सदस्य समाज सेवा के संकल्प के साथ अपनी ‘शीतल जल सेवा’ के लिए रवाना हुए। शहर में अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाकर परिषद के सदस्यों ने राहगीरों, राह चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए शीतल एवं स्वादिष्ट शरबत पिलाया। इस सफल और भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्गेश गुप्ता (एपैक्स), ललित सिंघल, सुधीर जैन (ज्वैलर्स), नितिन वार्ष्णेय और संजय वार्ष्णेय (वनस्पति वाले) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों और वरिष्ठ सदस्यों ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी उमाशंकर जैन, अध्यक्ष कमलेश जैन, सचिव अंकुल जैन, प्रांतीय संगठन सचिव मनोज अग्रवाल, जिला समन्वयक अनिल वार्ष्णेय, राकेश वार्ष्णेय धागे वाले, कोषाध्यक्ष अंकित वार्ष्णेय, मदन मोहन वार्ष्णेय, मुरारी लाल अग्रवाल, गगन जैन, विवेक वाष्णैय, पंकज गुप्ता, मनोज शर्मा, मनोज अग्रवाल GST, संजय वार्ष्णेय तेल वाले, नितिन बीएमबी, संकेत जैन, जस मितल, डा संजीव अग्रवाल सहित अनेक शब्द उपस्थित रहे मातृशक्ति में उषा जैन, विनीता अग्रवाल, सुनीता जैन, रुचि अग्रवाल आदि उपस्थिति रही।





















