
मथुरा 05 जून । प्रकृति के बिना मानव अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। शुद्ध हवा, पीने योग्य पानी और भोजन ये सभी हमें प्रकृति से ही प्राप्त होते हैं। इसे बचाने के लिए हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं। यदि जनजीवन को बचाना है तो हर व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य मानना होगा। यह बातें केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर चिकित्सकों तथा मेडिकल छात्र-छात्राओं को बताईं। केडी विश्वविद्यालय और रेडक्रास सोसाइटी के सौजन्य से आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल, कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, प्रति-कुलपति डॉ. गौरव सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, उप-कुससचिव हेमा जोशी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह, के.डी. मेडिकल कॉलेज की उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अम्बरीश कुमार, डॉ. अमनजोत कौर चौहान, डॉ. वी.पी. पांडेय, डॉ. एस.के. बंसल, डॉ. गुलशन कुमार, डॉ. विक्रम शर्मा, डॉ. शुभम द्विवेदी, डॉ. गौरव त्यागी, डॉ. विशाल वर्मा, डॉ. प्रीति शर्मा, डॉ. सर्वेश सिंह, डॉ. कपिल देव वर्मा, पवन कुमार तथा रेडक्रास सोसाइटी मथुरा की तरफ से डॉ. विनीता गुप्ता, वाइस चेयरमैन रेडक्रास सोसाइटी मथुरा वृषभान गोस्वामी, शिवकुमार गुप्ता, डॉ. मूलचंद गुप्ता, ठाकुर सुजान सिंह, चन्द्र प्रकाश राजोरिया आदि ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। पौधरोपण के बाद प्रो-चांसलर मनोज अग्रवाल ने कहा कि पेड़-पौधों का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। इनके बिना जीवन का आधार नहीं है। अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाकर हम पर्यावरण को सुंदर एवं स्वच्छ बना सकते हैं। कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस इस बात की याद दिलाता है कि आज की पीढ़ी को आने वाली पीढ़ी के लिए पर्यावरण को संरक्षित करना कितना महत्वपूर्ण है।
डॉ. लाहौरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और जंगलों की कटाई ही बढ़ते प्रदूषण की मुख्य वजह है। यदि हम सभी पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य समझ लें तो इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मानव और पर्यावरण के बीच गहरे सम्बन्ध को समझना जरूरी है तभी लोग इसके प्रति अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। उन्होंने सभी चिकित्सकों तथा मेडिकल छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि यदि बिगड़ते पर्यावरण को बचाना है तो हम सभी को अपने जन्मदिन या शुभ अवसरों पर पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उप प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर ने कहा कि लगातार बढ़ता प्रदूषण सिर्फ मनुष्य के लिए ही नहीं बल्कि हमारी प्रकृति के लिए भी खतरनाक है। स्वस्थ और स्वच्छ प्रकृति मानव जीवन का आधार है। प्रकृति हमें जीवन जीने के लिए सभी जरूरी चीजें उपलब्ध कराती है, ऐसे में इसका दोहन हमारे जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। पर्यावरण दिवस मनाने का मकसद प्रकृति को प्रदूषण और दूसरे खतरों से बचाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और ऊर्जा संरक्षण जैसे उपायों को अपनाकर हम पर्यावरण की रक्षा में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं।


























