
अलीगढ़/हाथरस 31 मई । आवास विकास परिषद की योजनाओं में भूखंड खरीदकर अपना घर बनाने का सपना देखने वालों को अब अधिक कीमत चुकानी होगी। परिषद ने अलीगढ़ और हाथरस समेत प्रदेश की विभिन्न आवासीय योजनाओं में जमीन की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें एक अप्रैल से लागू कर दी गई हैं, हालांकि फ्लैटों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त नियंत्रक की ओर से जारी आदेश के अनुसार अलीगढ़ की पांच प्रमुख योजनाओं में भूखंडों की दरें संशोधित की गई हैं। इनमें मालवीय बाजार योजना में जमीन की कीमत 60 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तथा इंदिरा मार्केट योजना में 65,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई है। वहीं चिरंजी लाल कन्या विद्यालय योजना में 35 हजार रुपये, जीटी रोड योजना में 26 हजार रुपये तथा लोधी विहार योजना में 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर की नई दरें लागू की गई हैं। हाथरस में आवास विकास परिषद की योजना संख्या-1 में जमीन की दर 15 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। नई दरों का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो परिषद की योजनाओं में भूखंड खरीदने की योजना बना रहे हैं। आवास विकास परिषद के अधिकारियों के अनुसार इस बार जमीन की कीमतें नई नीति के तहत निर्धारित की गई हैं। परिषद की बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि विकसित हो रही योजनाओं में भूखंडों की कीमतें जिलाधिकारी (डीएम) सर्किल रेट और मार्जिन कॉस्ट लैंड रेट (एमसीएलआर) के आधार पर तय की जाएंगी। इसी नीति के अनुरूप विभिन्न योजनाओं में संशोधित दरें लागू की गई हैं। रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना है कि जमीन की कीमतों में वृद्धि से नए खरीदारों की लागत बढ़ेगी, जबकि पहले से भूखंड खरीद चुके लोगों की संपत्तियों का बाजार मूल्य बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि नई दरों का प्रभाव आगामी दिनों में स्थानीय रियल एस्टेट बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।


























