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सिकन्दराराऊ (पुरदिलनगर) 28 मई । सरस्वती विद्या मन्दिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पुरदिलनगर में आयोजित नवचयनित आचार्य एवं प्रधानाचार्य पुनश्चर्या प्रशिक्षण वर्ग के अंतर्गत बुधवार को “शिक्षा की वर्तमान चुनौतियाँ एवं समाधान में हमारी भूमिका” विषय पर एक प्रेरणादायी बौद्धिक सत्र सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजकीय महाविद्यालय कासगंज के प्रोफेसर आदरणीय डॉ. सुधीर रावत उपस्थित रहे। अपने उद्बोधन में डॉ. सुधीर रावत ने कहा कि विद्या भारती आज सम्पूर्ण देश में शिक्षा एवं संस्कार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षिक ज्ञान देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभक्ति से जोड़ना भी विद्यालयों का प्रमुख उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने वर्तमान समय में मोबाइल की बढ़ती लत, अनुशासनहीनता, संस्कारों में कमी तथा शिक्षा के व्यावसायीकरण जैसी चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के लिए केवल अध्यापक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक एवं मेंटर की भूमिका निभाएं। उन्होंने विद्यालयों को ज्ञान का पवित्र मंदिर बताते हुए प्रधानाचार्य, आचार्य एवं प्रबन्ध समिति के बीच बेहतर समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया। कार्यक्रम में उपस्थित आचार्यों एवं प्रधानाचार्यों ने विषय को गंभीरता से सुना तथा शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प व्यक्त किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य हरीशंकर शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर देवेंद्र यादव प्रदेश निरीक्षक, संदीप मिश्रा, यशपाल सिंह, कमलप्रकाश द्विवेदी, विचित्रपाल, महेन्द्रपाल सिंह जिला निरीक्षक, पुष्पकांत शर्मा (पत्रकार, प्रावदा दैनिक), प्रधानाचार्य राजेश कुमार, श्रीनिवास सिंह, योगेंद्र सिंह, कृष्णकांत, आचार्य राकेश कुमार, शिशुपाल सिंह, हरपाल सिंह, विक्रम सिंह, राजन सिंह, अनिल कुमार, प्रवीन कुमार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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