
हाथरस 14 मई। पुलिस ने मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर घुमंतू परिवारों के पांच बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है। आज रितु तोमर के नेतृत्व में नव नियुक्त महिला आरक्षी राधिका और इच्छिता ने स्वप्रेरणा से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराकर यह संदेश दिया कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था की संरक्षक ही नहीं, बल्कि समाज के उज्ज्वल भविष्य की निर्माता भी है।
इस मानवीय पहल के तहत कु. मोहिनी का प्रवेश वी.सी. झूरिया विद्यालय में कराया गया, जबकि कु. काजल और गुड़िया को प्राथमिक विद्यालय गिजरौली तथा पिंकी और सनी को उच्च प्राथमिक विद्यालय गिजरौली में दाखिला दिलाया गया। पुलिस टीम ने बच्चों को पुस्तकें, कॉपियां, स्कूल ड्रेस और अन्य शैक्षिक सामग्री भी उपलब्ध कराई। बच्चों के अभिभावकों ने भावुक होकर बताया कि आर्थिक तंगी के कारण वे वर्षों से अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेज पा रहे थे। महिला थाना प्रभारी रितु तोमर ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान महिला आरक्षी राधिका और इच्छिता ने वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया था। इसी उद्देश्य से उन्होंने परिवारों से संपर्क कर अभिभावकों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई। पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा ने महिला थाना टीम के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना भी है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी सेवा है। हाथरस पुलिस की यह पहल शिक्षा, संवेदनशीलता और जनविश्वास की एक प्रेरक मिसाल बन गई है।


























