
हाथरस 13 मई । मानव अधिकारों के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित संस्था ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स’ (ADHR) ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। संस्था द्वारा एक अज्ञात युवक के शव का पूरे विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाज के साथ दाह संस्कार संपन्न कराया गया। विगत 10 मई को कोतवाली हाथरस जंक्शन के अंतर्गत सलेमपुर रेलवे ट्रैक पर एक लगभग 26 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। मृतक ने काली पैंट और काली टी-शर्ट पहन रखी थी। युवक के सीधे हाथ पर ‘लव यू मां’ और सीने पर ‘सुमन’ गुदा हुआ था। पुलिस ने शिनाख्त के लिए शव को 72 घंटे तक मर्चरी में रखा, लेकिन कोई वारिस न आने पर पुलिस ने इसे लावारिस घोषित कर पोस्टमार्टम कराया। थाना पुलिस के अनुरोध पर समाजसेवी सुनीत आर्य और एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने शव के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी संभाली। एडीएचआर के उपाध्यक्ष हर्ष मित्तल के विशेष सहयोग से दाह संस्कार की समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। समाजसेवी सुनीत आर्य के नेतृत्व में युवक को मुखाग्नि देकर हिंदू रीति-रिवाज से विदा किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान मुख्य रूप से एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, समाजसेवी सुनीत आर्या, एनएसएस अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, आयोग दीपक, बंटी भाई (कपड़े वाले), तरुण राघव और नीरज गोयल मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से कांस्टेबल रमन यादव और रिक्रूट शौर्य चौधरी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


























