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ई दिल्ली 12 मई । पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, रुपये की ऐतिहासिक गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों में घबराहट के माहौल के चलते BSE Sensex 1,456.04 अंक टूटकर 74,559.24 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 436.30 अंक लुढ़ककर 23,379.55 के स्तर पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95.63 (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। लगातार दूसरे कारोबारी दिन आई इस बड़ी गिरावट से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक घटकर लगभग 457 लाख करोड़ रुपये रह गया।

बाजार की इस तेज गिरावट में आईटी और रियल्टी सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित रहे। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 4 प्रतिशत से अधिक और निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 3.59 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 2.77 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 2.28 प्रतिशत नीचे बंद हुए। विनोद नायर, हेड ऑफ रिसर्च, Geojit Investments Limited के अनुसार, OpenAI की हालिया एंटरप्राइज पहल के बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी प्रतिस्पर्धा और संभावित मूल्य दबाव की चिंताओं ने आईटी कंपनियों के शेयरों पर नकारात्मक असर डाला। वैश्विक तनाव के कारण Brent Crude की कीमत 107 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। यह भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए महंगाई का बड़ा जोखिम माना जा रहा है। सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ने से 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,596 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 2,76,303 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

वैश्विक बाजारों पर उस समय दबाव और बढ़ गया जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करते हुए युद्धविराम की संभावनाओं को बेहद कमजोर बताया। इससे निवेशकों के बीच अनिश्चितता और गहरा गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अब निवेशकों की निगाहें आगामी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों पर रहेंगी, जिनसे यह स्पष्ट होगा कि पश्चिम एशिया संकट का भारत की महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर कितना प्रभाव पड़ सकता है। मंगलवार को एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला। जापान का Nikkei 225 0.4 प्रतिशत और ताइवान का प्रमुख सूचकांक 0.26 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। वहीं दक्षिण कोरिया का KOSPI 2.34 प्रतिशत टूट गया, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index 0.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

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