
अलीगढ़ 12 मई । मंगलायतन विश्वविद्यालय के संस्थान नवाचार परिषद (आईआईसी) द्वारा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर “फिजियोथेरेपी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वास्थ्य सेवाओं में उभरती आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईसी अध्यक्ष प्रो. रविकांत एवं उपाध्यक्ष प्रो. मनीषा शर्मा के प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता भविष्य की चिकित्सा प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुलभ बना रही है। मुख्य वक्ता डा. अन्नपूर्णा ने फिजियोथेरेपी में एआई के उपयोग, रोगी निगरानी, पुनर्वास तकनीकों और स्वास्थ्य प्रबंधन में इसकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीक रोगों के सटीक विश्लेषण, व्यक्तिगत उपचार और शीघ्र रिकवरी में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को फिजियोथेरेपी में एआई की भविष्य की संभावनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम में डा. मोहम्मद ओसामा एहसाज, आकाशदीप सिंह एवं अर्सिल नूर आदि उपस्थित रहे। डा. अरबाब हुसैन ने परिचय प्रस्तुत किया, जबकि प्रियांशी गोयल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।


























