
मथुरा 12 मई । केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थानों केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर तथा के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंस में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया गया। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस का शुभारम्भ डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंस की प्राचार्या डॉ. एन.पी. चानू, निदेशक नर्सिंग शीला एलेक्स द्वारा फ्लोरेंस नाइटिंगेल के छायाचित्र पर माल्यार्पण और केक काटकर किया गया। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने सभी नर्सेज को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस की बधाई देते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की। डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने अपने सम्बोधन में कहा कि चिकित्सा पेशे में चिकित्सक और नर्सेज एक गाड़ी के दो पहियों के समान हैं। सच कहें तो डॉक्टर्स से बड़ी जिम्मेदारी नर्सेज निभाती हैं। डॉ. अशोका ने कहा कि किसी बीमारी से उबरने में जितना बड़ा योगदान दवाओं और इलाज का होता है, उतना ही सही देखभाल का भी होता है। उन्होंने कहा कि नर्सेज स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं क्योंकि वे मरीजों की देखभाल में दिन-रात जुटी रहती हैं। डॉ. अशोका ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं बल्कि उन लाखों नर्सों के समर्पण, करुणा और हिम्मत को सलाम करने का दिन है, जो हर दिन अपने पेशे के जरिए दुनिया को बेहतर बना रही हैं।
इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह ने कहा कि ज्ञान और मृदु व्यवहार ही नर्स का प्रमुख गुण होता है। नर्सिंग स्टाफ चूंकि मरीज के हमेशा करीब होता है तथा उसकी देखभाल करता है लिहाजा उसके चेहरे पर हमेशा मुस्कराहट तथा रोगी के प्रति विनम्र व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीज की आधी बीमारी तो नर्सेज के अच्छे व्यवहार से ही ठीक हो जाती है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सिंह ने कहा कि हम अच्छे व्यवहार और सेवाभाव से चिकित्सा पेशे को और ऊंचाई दे सकते हैं। कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि नर्सेज स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की नींव हैं। यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम उनकी अनूठी एवं निःस्वार्थ सेवाओं के बदले वापस कुछ लौटाएं और उनका भविष्य उन्नत करें। इस दिवस को मनाते हुए हम अपनी नर्सों के करियर को फिर से परिभाषित करें, उनके सेवा का मूल्यांकन करते हुए नए सिरे से उन्नत नर्स सेवा को विकसित करें और कौशल विकास की शक्ति के साथ उनके जीवन को बदलें।
के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंस की प्राचार्य डॉ. एन.पी. चानू ने अपने उद्बोधन में कहा कि दुनिया में नर्सों की सेवा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। रोगी की सेवा करते हुए वे अपना पारिवारिक सुख, करियर, जीवन और वर्तमान सबकुछ झोंक देती हैं। निदेशक नर्सिंग शीला एलेक्स ने कहा कि नर्सिंग सिर्फ एक पेशा नहीं, यह एक सेवाभाव है। हर दिन कोई न कोई नर्स किसी न किसी की जान बचा रही होती है, किसी को जीने की नई उम्मीद दे रही होती है। उन्होंने कहा कि यह दिन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक फ्लोरेंस नाइटिंगेल को समर्पित होता है, इस दिन का उद्देश्य नर्सों की मेहनत, सेवा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को पहचान देना है। इस साल की थीम नर्सों के अधिकार, स्वास्थ्य और समाज में उनकी भूमिका बहुत कुछ संदेश देती है। उन्होंने कहा कि नर्सेज अपनी उपयोगिता और सम्मान को समझें। नर्सिंग दिवस कार्यक्रम में हॉस्पिटल के प्रशासनिक अधिकारी समीर गौतम, प्रियाकांत यादव, दीपक शर्मा एवं लव सिंह, निहाल सिंह, एमाउंट सिंह उर्फ मोंटी, राजीव, जयपाल, श्वेता सिंह, शाहिदा, पूजा सहित बड़ी संख्या में नर्सेज तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।


























