सिकंदराराऊ (हसायन) 07 मई । कस्बा के पुरदिनगर मार्ग पर स्थित मयंक भारत गैस एजेंसी और उसके गोदाम के विरुद्ध लगातार मिल रही शिकायतों के बाद गुरुवार को बाँट-माप विभाग की टीम जांच के लिए पहुँची। सीनियर इंस्पेक्टर विकास त्रिपाठी के नेतृत्व में आई दो सदस्यीय टीम ने एजेंसी पर पहुँचकर अभिलेखों और कार्यप्रणाली की पड़ताल की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता उपभोक्ता अनमोल गुप्ता को भी बुलाया गया, जिन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पूर्व नगला बरी स्थित गोदाम पर सिलेंडर लेने जाने के दौरान एजेंसी कर्मियों ने निर्धारित मूल्य से अतिरिक्त वसूली की और विरोध करने पर अभद्रता की। जांच के दौरान अन्य उपभोक्ताओं ने भी भ्रष्टाचार की पोल खोली। ग्राम शेखूपुर अजीत निवासी विजय कुमार ने अधिकारी के समक्ष आरोप लगाया कि उनसे केवाईसी (KYC) के नाम पर 250 रुपये वसूले गए, हालांकि उपभोक्ता का आरोप है कि अधिकारी ने इस शिकायत पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वहीं, ग्राम नगला मियां पट्टी के निजाम ने बताया कि उनसे गैस सिलेंडर के लिए 960 रुपये लिए गए, जो निर्धारित दर से 34 रुपये अधिक है। ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक के परिवार के एक सदस्य के उच्च पद पर होने के कारण यहां मनमानी चरम पर है और पूर्व में भी शिकायतों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।
बाँट-माप विभाग के सीनियर इंस्पेक्टर विकास त्रिपाठी ने बताया कि उपभोक्ता की शिकायत पर जांच की गई है। निरीक्षण के दौरान एजेंसी पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या संचालक मौजूद नहीं मिला, केवल एक कंप्यूटर ऑपरेटर ही कार्यालय पर उपस्थित था। अधिकारी ने बताया कि होम डिलीवरी तीन दिन के भीतर सुचारू रूप से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं और अतिरिक्त वसूली के मामले में ऑपरेटर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।


























