हाथरस 30 अप्रैल। दीवानी न्यायालय हाथरस में आगामी शनिवार 09 मई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में भव्य ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जा रहा है। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विनय कुमार ने इस आयोजन की सफलता हेतु सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश महोदय ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मुकदमों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण करना है, जिससे पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत हो सके। उन्होंने लंबित मुकदमों से प्रभावित आमजन से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर अपने विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करें।
अपर जनपद न्यायाधीश एवं सचिव अनु चौधरी के अनुसार, इस राष्ट्रीय लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी और राजस्व से जुड़े विभिन्न श्रेणियों के वादों का निस्तारण किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से बैंक वसूली के मामले, धारा-138 चेक बाउंस वाद, वैवाहिक व पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर (MACT), और भूमि अधिग्रहण से जुड़े वाद शामिल हैं। इसके अलावा स्टाम्प वाद, उपभोक्ता फोरम के मामले, श्रम विवाद, नगर पालिका टैक्स वसूली, और विद्युत अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सुलह योग्य वादों का भी मौके पर समाधान किया जाएगा। उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, वन अधिनियम, और सेवानिवृत्ति परिलाभों (पेंशन) से संबंधित प्रकरणों के लिए भी यह लोक अदालत एक प्रभावी मंच साबित होगी।
प्रशासनिक और लघु आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु इस लोक अदालत में विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिस अधिनियम और मोटर यान अधिनियम के अंतर्गत होने वाले चालान, बाट तथा माप अधिनियम, आबकारी अधिनियम, और जुआ अधिनियम (गैम्बलिंग एक्ट) के तहत आने वाले वादों को आपसी समझौते से खत्म किया जा सकेगा। सचिव अनु चौधरी ने यह भी जानकारी दी कि जनहित से जुड़े अन्य प्रकरण जैसे मनरेगा, शिक्षा का अधिकार, जलकर व गृहकर, आपदा राहत, और राशन कार्ड या आय-जाति प्रमाण पत्र से संबंधित समस्याओं का भी लोक अदालत के माध्यम से समाधान किया जाएगा। यह आयोजन उन नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है जो बिना किसी मानसिक बोझ के अपने कानूनी विवादों का अंतिम निपटारा चाहते हैं।
























