सादाबाद 27 अप्रैल । नगर की सफाई व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। कस्बे के कई इलाकों में ट्रांसफार्मरों के नीचे कूड़े के ढेर जमा हैं, जो न केवल विद्युत आपूर्ति के लिए खतरा हैं, बल्कि आमजन और पशुओं की जान पर भी भारी पड़ सकते हैं। गर्मी के इस मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। विद्युत विभाग ने इसे लेकर नगर पंचायत को चेतावनी दी है।
नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों द्वारा कूड़ा एकत्र करने के लिए ट्रांसफार्मरों के आसपास ही अस्थायी डंपिंग स्थल बना दिए गए हैं। यह व्यवस्था न केवल नियमों के विपरीत है, बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। खुले में पड़े इन कूड़े के ढेरों में अक्सर अज्ञात लोग आग लगा देते हैं, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है। गर्मी और हीट वेव के कारण ट्रांसफार्मर पहले से ही अत्यधिक गर्म हो रहे हैं। ऐसे में नीचे जलते कचरे की आग और गर्मी ट्रांसफार्मर के केबल बॉक्स तक पहुंच सकती है। इससे ट्रांसफार्मर फुंक सकता है या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकता है। आग फैलने की स्थिति में करंट फैलने का खतरा भी बना रहता है, जो इंसानों और पशुओं दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है। विद्युत विभाग की टीम ने सोमवार को नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान लगभग एक दर्जन स्थानों पर ट्रांसफार्मरों के नीचे कूड़े के ढेर पाए गए। मुरसान मार्ग, सलेमपुर रोड, कृष्णा टॉकीज पुलिया और बासुदेव विद्या मंदिर के पास की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक पाई गई।सोमवार को त्यागी कॉलोनी गेट पर लगे 250 केवीए ट्रांसफार्मर के नीचे कूड़े में आग लग गई थी। आग की लपटें ट्रांसफार्मर तक पहुंचने से पहले ही विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर उसे बुझा दिया। समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया, वरना गंभीर नुकसान हो सकता था। विद्युत विभाग के अवर अभियंता अजय कुमार ने नगर पंचायत से ट्रांसफार्मरों के आसपास कूड़ा न डालने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो विद्युत आपूर्ति बाधित हो सकती है और गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। वहीं, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित कर्मचारियों को तत्काल निर्देश देने और ट्रांसफार्मरों के आसपास से कूड़ा हटवाने का आश्वासन दिया है। सादाबाद में यह स्थिति प्रशासन के लिए चेतावनी है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।सादाबाद :




















