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सादाबाद 27 अप्रैल । कस्बे में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ ने आज गोवंश संरक्षण, संवर्धन और वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। अभियान के सदस्यों ने राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार हेमंत चौधरी को सौंपा। ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में गोवंश की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई और ठोस कदम उठाने की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और कृषि आधारित परंपरा में गोवंश का विशेष महत्व है। हालांकि, वर्तमान में गो-तस्करी, अवैध वध, सड़कों पर दुर्घटनाएं और पॉलिथीन खाने जैसी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में गोवंश की मौत हो रही है। अभियान से जुड़े लोगों का दावा है कि स्वतंत्रता के समय प्रति व्यक्ति गोवंश की संख्या अधिक थी, जो अब चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। गौ सेवकों ने राज्यपाल से केंद्र स्तर पर गोवंश संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाने की संस्तुति करने और राज्य में भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। उन्होंने वधशालाओं के लाइसेंस निरस्त करने, गो-तस्करी और गोवध को संगीन एवं गैर-जमानती अपराध घोषित कर कठोर दंड का प्रावधान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में गोपालन को बढ़ावा देने के लिए पृथक मंत्रालय की स्थापना, गोबर व गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने, प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला और जिला स्तर पर गो-अभ्यारण्य स्थापित करने का सुझाव दिया गया है। राजमार्गों पर घायल गोवंश के उपचार के लिए एंबुलेंस और ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। अभियान से जुड़े लोगों ने स्कूली पाठ्यक्रम में ‘गो-विज्ञान’ शामिल करने, चारा सुरक्षा कानून बनाने और गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि गोवंश केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इस अवसर पर संत भारत भूषण, दिव्यांश शर्मा, राहुल कश्यप, सुनील ठाकुर, विशाल प्रदत्त, वंश और सूरज सहित कई गौ सेवक उपस्थित रहे।

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