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सिकंदराराऊ (हसायन) 27 अप्रैल । क्षेत्र के जयपुर मथुरा बरेली कासगंज राष्ट्रीय राजमार्ग नेशनल हाइवे मार्ग स्थित गांव जैतपुर के दिव्य योग कला मंदिर में आयोजित सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम श्रीमद भागवत कथा के दौरान सप्तम दिवस सत्ताइस अप्रैल दिन सोमवार को आचार्य श्री श्री एक सौ आठ कलाधर जी महाराज ने महाप्रभु रामलाल जी महाराज के द्वारा पटना बिहार के गंगा किनारे स्थित जमुनिया घाट पर एक महिला भक्त रामरती के दुष्कर्म मदिरा पान गलत व्यवहार गलत आचरण को लेकर रामरती के परिजन रामरती को मारने का प्रयास करने लगे।महाप्रभु रामलाल जी ने रामरती के परिजनों को जैसे तैसे समझाकर रामरती को मारने से रोका।रामरती को समझाने व सुधारने के लिए महाप्रभु ने रामरती को आते देख जैसे तैसे दुष्कर्म मदिरा पान जैसे व्यभिचार छोडनें की बात कही।तो रामरती ने महाप्रभु श्रीरामलाल जी से कहा कि आप मुझे गले में पडे को हाथ में लेकर त्रिभाचा तीन बार बोले कि मदिरापान से ज्यादा आनंद प्राप्त होगा।तो महाप्रभु रामलाल ने रामरती को जनेऊ लेकर तीन बार बोलकर त्रिभाचा दिया और रामरती को बिठाकर सिद्ध मंत्र का जाप करने के लिए कहा।तो रामरती बारह वर्ष तक सिद्ध साधना करने के बाद तपस्वी हो गई।महाप्रभु ने रामरती के बाद गोपालानंद, मुलखराज सहित विभिन्न भक्तों पर कृपा की।आचार्य कलाधर जी महाराज ने श्रीकृष्ण सुदामा प्रसंग का मामिर्क वर्णन करते हुए कहा कि संसार में सामाजिक पंथ को भगवान श्रीकृष्ण सुदामा की तरह मित्रता करनी चाहिए।उन्होने बताया कि बचपन में शिक्षा ग्रहण किए जाने के दौरान संदीपन गुरु के आश्रम में एक बार चोरों के द्वारा चुराए गए चना को गुरुमाता के द्वारा लकडी बीनने के लिए जाते समय दिए जाने के दौरान सुदामा ने श्रीकृष्ण के हिस्से के चने खाकर मित्र के हिस्से आने वाली दरिद्रता को अपने सिर मढ लिया।इस कथा से दो अर्थ है पहला सुदामा ने मित्र के हिस्से आने वाले चने से मिलने वाले दुःख को सिर ले लिया।जबकि दूसरे अर्थ में यह तात्पर्य है कि मित्र से कपट छल करने पर सुदामा को दरिद्रता भोगनी पडी।आचार्य ने सुदामा के भगवान श्रीकृष्ण की सुदामापुरी पहुंचने पर द्वारपालो के कहने पर राजमहल छोड़कर आना पडा।सुदामा श्रीकृष्ण कथा प्रसंग सुन श्रोता भाव विभोर दिखाई दिए।श्रीमद भागवत कथा में परीक्षत किरन शर्मा,विनय शर्मा,रामेश्वर दयाल शर्मा,नीरज शर्मा,विपिन शर्मा,आरपी शर्मा, राजकुमार शर्मा,सत्यपाल सिंह, सतेन्द्र सिंह पूर्व रिटायर्ड नेत्र परीक्षण अधिकारी,महीपाल सिंह,ऋषि कुमार, रुद्र प्रताप सिंह,मनोज कुमार जादौन,अशोक कुमार शर्मा,धर्मेन्द्र शर्मा,काशीनाथ मिश्रा,नवीन वाजपेई, रामसनेही शर्मा,उमेश शर्मा,सुरेन्द्र सिंह, श्यामदास दीक्षित सहित तमाम श्रोता मौजूद दिखाई दिए।

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