
अलीगढ़ 27 अप्रैल । शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मंगलायतन विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय “शैक्षिक वीडियो संसाधनों का विकास” रहा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल कंटेंट निर्माण में निपुण बनाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत में डीईईई के विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार उपाध्याय ने वर्तमान समय में शैक्षिक तकनीकी संसाधनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से छात्र न केवल कक्षा के भीतर बल्कि कक्षा के बाहर भी निरंतर सीखने की प्रक्रिया से जुड़े रह सकते हैं। प्रो. अनुराग शाक्य ने बताया कि कैसे शैक्षिक तकनीक शिक्षकों को इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड, मल्टीमीडिया कंटेंट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे उपकरणों के उपयोग से शिक्षण को बेहतर बनाने में मदद करती है। इससे न केवल छात्रों की व्यस्तता बढ़ती है, बल्कि व्यक्तिगत निर्देश देना भी आसान हो जाता है। प्रो. दीपशिखा सक्सेना ने उन प्रमुख संसाधनों पर चर्चा की जो कक्षा में संवाद को बेहतर बनाने और विभिन्न प्रकार की शिक्षण सामग्रियों तक पहुंच प्रदान करने पर केंद्रित हैं। उन्होंने बताया कि कैसे ये तकनीकें प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाती हैं और मूल्यांकन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करती हैं। कार्यशाला के दौरान संकाय सदस्यों को विभिन्न सॉफ्टवेयरों के माध्यम से वीडियो रिकॉर्ड करने और उन्हें संपादित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का समन्वय वंदना कुशवाहा द्वारा किया गया।


























