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मथुरा 22 अप्रैल । राजीव इंटरनेशनल स्कूल में विश्व पृथ्वी दिवस पर छात्र-छात्राओं ने विविध कार्यक्रमों तथा पौधरोपण कर दुनिया में बिगड़ते पर्यावरण पर चिन्ता जताई। छोटे-छोटे बच्चों ने रोल प्ले कम्पटीशन तथा हमारी शक्ति हमारा ग्रह थीम पर शानदार नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर समाज को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। छात्र-छात्राओं ने अपने संदेश में कहा कि पृथ्वी रहेगी तभी जीवन रहेगा।

राजीव इंटरनेशनल स्कूल में विश्व पृथ्वी सप्ताह का आयोजन किया गया जिसमें छात्र-छात्राओं ने प्रतिदिन बिगड़ते पर्यावरण संतुलन को सुधारने के लिए जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने जहां पोस्टर्स तथा स्लोगन के माध्यम से पर्यावरण बचाने का संदेश दिया वहीं रैली निकालकर आमजन को जागरूक किया। विश्व पृथ्वी दिवस के दिन छात्र-छात्राओं ने भाषण, कविता एवं नृत्य नाटिका के माध्यम से पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया।

जिनीषा और आशी ने भाषण तो वंशिका सिंह ने हिन्दी कविता के माध्यम से पर्यावरण संतुलन पर आमजन के कर्तव्य समझाए। छात्र-छात्राओं ने गीत के माध्यम से पेड़ बचाने का संदेश दिया तो नृत्य नाटिका के माध्यम से धरती मां के प्रति कर्तव्यों की याद दिलाई। विश्व पृथ्वी दिवस पर नन्हें-मुन्ने बच्चों ने पौधरोपण कर समाज को अनूठा संदेश दिया।

सीनियर छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित वर्कशॉप में विद्यालय की प्राचार्या प्रिया मदान ने कहा कि पृथ्वी दिवस का मतलब सिर्फ एक दिन पर्यावरण के बारे में सोचना नहीं है। यह हमारी पृथ्वी का जश्न मनाने और पूरे साल पृथ्वी के प्रति दयालु रहने के लिए कदम उठाने का समय है। प्राचार्या प्रिया मदान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को ‘माता’ का स्थान दिया गया है, ‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ का यह संदेश हमें हमारी धरती के प्रति कर्तव्यों का स्मरण कराता है। आज समय की मांग है कि हम केवल शब्दों तक सीमित न रहें बल्कि ठोस कदम उठाते हुए पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। पृथ्वी दिवस कार्यक्रम का संचालन प्रणवी गर्ग एवं नम्रता सिंह ने किया।

स्कूल के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विविध कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा हर व्यक्ति का कर्तव्य है। श्री अग्रवाल ने कहा कि अधिक से अधिक पौधरोपण कर, जल संरक्षण को बढ़ावा देकर हम सब स्वच्छ और हरित भारत के निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित कर सकते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि पृथ्वी की रक्षा करना आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा पवित्र कर्तव्य है। यह दिवस हमें अपनी आदतों में बदलाव करके प्रकृति को सुरक्षित रखने की याद दिलाता है। अंत में श्री अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं से प्रकृति रक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

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