
हाथरस 18 अप्रैल । जिला महिला चिकित्सालय में 21 दिन पहले प्रसूता और नवजात की मौत के बाद आशा कार्यकर्ता को बयान के लिए बुलाने पर हुए हंगामे की जांच पूरी हो गई है। सीएमओ द्वारा गठित जांच कमेटी ने करीब एक दर्जन आशा कार्यकर्ताओं के बयान दर्ज कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। शहर के जिला महिला चिकित्सालय में 21 दिन पहले डिलीवरी के दौरान प्रसूता और नवजात शिशु की मौत हो गई थी। परिजनों ने चिकित्सक और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। पुलिस ने प्रसूता का पोस्टमार्टम कराया। सीएमओ डॉ. राजीव राय ने मामले की जांच के लिए बागला संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई थी।
जांच कमेटी ने प्रसूता के परिजनों, महिला अस्पताल की चिकित्सक और स्टाफ के बयान दर्ज किए। प्रसूता को अस्पताल लाने वाली आशा को भी बयान के लिए बुलाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही शहरी क्षेत्र की कई आशा कार्यकर्ता बागला अस्पताल पहुंच गईं और विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि जांच के नाम पर आशा को फंसाया जा रहा है। हंगामे के बाद अधिकारियों ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया। आशा कार्यकर्ताओं के विरोध की जांच के लिए सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. राजीव गुप्ता की अध्यक्षता में नई चार सदस्यीय कमेटी गठित की। इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. एमआई आलम, डीसीपीएम धर्मेंद्र सिंह और शहरी कॉर्डिनेटर पुष्पेंद्र को शामिल किया गया। कमेटी ने पहले विरोध करने वाली आशाओं की पहचान की। करीब 12 आशा कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर एक-एक कर बुलाया गया। सभी ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। बयान दर्ज होने के बाद जांच पूरी कर कमेटी ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी है। अब आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर होगी।























