
हाथरस 18 अप्रैल । शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थान श्री रामेश्वर दास अग्रवाल कन्या महाविद्यालय में ‘प्रज्ञा परिषद’ (ब्रज प्रांत – प्रज्ञा प्रवाह) के अध्ययन केंद्र का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, प्राचीन ज्ञान परंपरा और नैतिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष व्याख्यान आयोजित किए गए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं क्षेत्रीय संयोजक देवराज सिंह ने केंद्र का उद्घाटन करते हुए छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में हमें अपनी भारतीय ज्ञान परंपरा पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि देश के गौरवशाली इतिहास को समझना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही राष्ट्र निर्माण की पहली सीढ़ी है।विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रांत अध्यक्ष प्रो. शर्मिला शर्मा ने महिला सशक्तिकरण के विषय में विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि संस्कारों की नींव परिवार से पड़ती है और समाज की वास्तविक उन्नति के लिए ‘माँ का सम्मान’ सर्वोपरि है। प्रांत संयोजक डॉ. हरेंद्र गौड़ ने सामाजिक ढांचे की मजबूती के लिए परिवार की मर्यादा को अनिवार्य बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक नागरिक को सनातन धर्म की गहरी जानकारी होनी चाहिए और अपनी संस्कृति पर गर्व का भाव होना चाहिए। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुषमा यादव ने छात्राओं को वर्तमान समय की चुनौतियों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने धर्म के प्रति जागरूक रहने के साथ-साथ छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से ‘लव जिहाद’ जैसी सामाजिक विसंगतियों का जिक्र करते हुए छात्राओं को इनसे सावधान रहने और विवेक से काम लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के साथ-साथ कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से प्रो. मंजू वर्मा, डॉ. ललितेश तिवारी, डॉ. कुसुम लता शर्मा, डॉ. अमित भार्गव मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र के प्रति सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने के संकल्प के साथ हुआ।
























