
हाथरस 17 अप्रैल । परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के वितरण में लापरवाही बरतने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) स्वाति भारती ने कड़ा रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान तय मीनू के अनुसार दूध का वितरण न पाए जाने पर पांच स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और भोजन आपूर्ति करने वाली तीन संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। बीएसए ने सभी संबंधितों को चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विभागीय निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को ‘तहरी और दूध’ दिया जाना था, लेकिन कई केंद्रों पर दूध का वितरण ही नहीं किया गया। इसे शासन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए बीएसए ने संविलयन विद्यालय तिपरस, अजरोई, दोहई, सुल्तानपुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला जलाल के प्रधानाध्यापकों को नोटिस थमाया है। इसके साथ ही भोजन आपूर्ति की जिम्मेदारी संभाल रही जनहितकारी सेवा समिति (अलीगढ़), ग्रामीण विकास सेवा संस्थान (अतरौली) और अशर्फी ग्रामोद्योग संस्थान (छर्रा) को भी घेरे में लिया गया है। बीएसए स्वाति भारती ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के पोषण और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


























