सिकंदराराऊ (हसायन) 26 मार्च । विकासखंड क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में रबी के सीजन की मुख्य फसल गेहूं की पकी हुई बालियां अब कटाई के लिए तैयार हैं। मौसम में आए अचानक बदलाव और बूंदाबांदी की आशंका को देखते हुए किसानों ने अपने खेतों में कटाई का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया है। सरसों, आलू, मटर और मसूर की खुदाई व मड़ाई का कार्य लगभग समाप्त होने के साथ ही अब पूरा ध्यान गेहूं की फसल को सुरक्षित घर लाने पर टिका है।
बेमौसम बारिश के डर से जल्दबाजी में किसान
चैत्र मास के दौरान मौसम में हो रहे परिवर्तन और आसमान में छाए बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अन्नदाताओं का कहना है कि हाल ही में हुई हल्की बूंदाबांदी से सरसों और मसूर की फसलों को पहले ही आंशिक नुकसान पहुँच चुका है। ऐसे में यदि अब तेज बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो खेतों में खड़ी पकी हुई गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। इसी जोखिम से बचने के लिए किसान मजदूरों की टोली के साथ दिन-रात कटाई के कार्य में जुटे हैं।
जायद की फसलों के लिए पलेवट शुरू
एक ओर जहां गेहूं की कटाई का शोर है, वहीं दूसरी ओर जिन खेतों से आलू और सरसों की फसल उठ चुकी है, वहां किसानों ने जायद (गर्मी) के सीजन की फसलों के लिए तैयारी शुरू कर दी है। खेतों में पलेवट का कार्य तेजी से कराया जा रहा है ताकि समय रहते मूंग, उड़द या चारे की बुवाई की जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय कृषि कार्यों की भारी व्यस्तता देखी जा रही है और किसान जल्द से जल्द अपनी मेहनत की कमाई को खलिहानों तक पहुँचाने की जुगत में हैं।

























