
नई दिल्ली 02 अप्रैल । राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन ने बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर का प्रबन्धन बौद्ध धर्मियों को सौंपे जाने तथा गयाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का भगवान गौतम बुद्ध के नाम पर रखे जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर से करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, दुनिया में बौद्ध धर्म मानने वाले सात प्रतिशत लोग हैं जिनकी संख्या लगभग 55 करोड़ है। उन्होंने कहा कि बोधगया में ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फॉरम तथा डॉ. अम्बेडकर विचार के लोग 415 दिन से धरने पर बैठे है वे महाबोधि मंदिर का प्रबन्धन बौद्ध धर्मियों को सौंपे जाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अफसोस है कि बिहार सरकार संवेदनहीन है। दुनिया की कोई समस्या ऐसी नहीं है जो बातचीत के जरिए हल न हो सके बशर्ते कि नीयत ठीक हो। महाबोधि मंदिर का अंतर्राष्ट्रीय महत्व है, भगवान गौतम बुद्ध को यहीं ज्ञान प्राप्त हुआ था, संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस मंदिर को विश्व धरोहर घोषित किया है। बोधगया मंदिर प्रबन्धन समिति से संबंधित 1949 के काले कानून के अनुसार प्रबन्धन समिति में चार सनातनी मनुवादी हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में जितने भी धार्मिक स्थल हैं जिनमें चाहे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरिजाघर हो सभी का प्रबन्धन उसी धर्म के लोगों के पास है, वे जानने चाहेंगे कि क्या अयोध्या की प्रबन्धन समिति में कोई मुस्लमान है यदि नहीं तो बोधगया मंदिर प्रबन्धन समिति में हिन्दू क्यों? श्री सुमन ने कहा कि बोधगया मंदिर की संपत्ति बौद्ध धर्म के अनुयायियों की संपत्ति है दुनिया के लोग यहां आते हैं और मंदिर को दान देते हैं। गया के जिलाधिकारी ने अयोध्या के राम मंदिर निर्माण हेतु बोधगया मंदिर के कोष से एक करोड़ रुपए दान दे दिया, इससे ज्यादा अन्याय और क्या हो सकता है, यह संपत्ति बौद्ध धर्म के अनुयायियों की संपत्ति थी किसी की निजी जागीर नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि करोड़ो लोगों की भावनाओं को ध्यान ने रख करके इस मंदिर का प्रबन्धन बौद्ध धर्मियों को सौंप दिया जाए।






















