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मथुरा 01 अप्रैल । जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा में दो दिवसीय आईईईई यसिस्ट12 पायलट प्रीलिम्स 2026 का सफल आयोजन किया गया। इस नवाचार आधारित प्रतियोगिता में देश के विभिन्न क्षेत्रों की 25 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में स्कूल-कॉलेजों के युवा प्रोफेशनल्स ने इनोवेशन चैलेंज, स्पेशल ट्रैक, वीपावर ट्रैक, जूनियर आइंस्टीन ट्रैक एवं मेकर फेयर ट्रैक जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्मों के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। आईईईई यसिस्ट12 पायलट प्रीलिम्स प्रतियोगिता के समापन अवसर पर जीएल बजाज संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि नवाचार के क्षेत्र में यह एक प्रतिष्ठित वैश्विक पहल है जो मानवीय और सामाजिक चुनौतियों के लिए प्रभावशाली, प्रौद्योगिकी-संचालित समाधान विकसित करने के लिए युवा नवोन्मेषकों को एक साथ लाती है। उन्होंने युवा प्रोफेशनल्स की सामुदायिक भागीदारी, कौशल विकास और डिजिटल इनोवेशन के माध्यम से सामाजिक समस्याओं के समाधान की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। प्रो. अवस्थी ने कहा कि युवा विकास का मकसद सिर्फ रोजगार प्राप्ति हेतु कौशल का विकास नहीं बल्कि उसका सामाजिक उद्देश्य होना चाहिए।

निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि जीवन के अलग-अलग दौर में युवाओं की प्रेरणा भी अलग-अलग तरह की होती है। यह उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थितियों, उनके स्थान, उम्र और साथियों के हिसाब से हमेशा बदलती रहती है। युवाओं को सलाह और मार्गदर्शन की जरूरत सिर्फ समुदाय चलाने से संबंधित नहीं है। वे एक ऐसी जगह चाहते हैं जहां वे अपने भविष्य को लेकर अपनी भावनाओं, चिंताओं और डरों पर भी हमसे और एक-दूसरे से बातचीत कर सकें। स्टूडेंट ब्रांच काउंसलर डॉ. रामवीर सिंह सेंगर ने कहा कि सामुदायिक भागीदारी को बेहतर बनाने के लिए आज युवाओं को सही तरह का प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है। यह मान लेना आसान लगता है कि आर्थिक प्रोत्साहन सही तरीका है लेकिन यह बात हर जगह लागू नहीं होती। उन्होंने कहा कि आज का युवा आमतौर पर अपने क्षेत्र में लोगों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने के लिए, भविष्य में काम आने वाले कौशल सीखने के लिए, आर्थिक फायदे के लिए तथा समुदाय में बदलाव लाने के लिए विभिन्न समुदायों का हिस्सा बनता है।

दो दिवसीय प्रतियोगिता में देशभर की 25 टीमों ने अपने अपने प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। युवाओं के प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन अकादमिक एवं इंडस्ट्री विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिसमें नवाचार, व्यावहारिकता एवं सामाजिक प्रभाव को प्रमुखता दी गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया तथा उन्हें अगले चरण के लिए नामांकित किया गया, जहां से चयनित टीमें इंडोनेशिया में आयोजित ग्रैंड फिनाले में भाग लेंगी। प्रतियोगिता डॉ. रामवीर सिंह सेंगर (स्टूडेंट ब्रांच काउंसलर) के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता के सफल संचालन में प्रो. वी.के. सिंह, प्रो. भोले सिंह, प्रो. शशि शेखर, प्रो. उदयवीर सिंह, प्रो. संजीव सिंह एवं प्रो. ऋचा मिश्रा आदि प्राध्यापकों का सराहनीय योगदान रहा।

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