
सादाबाद 03 मार्च । कस्बा सहपऊ सहित गांव गुतहरा, सिखरा, चौबारा जैसे करीब 25 गांवों में सोमवार रात होलिका दहन नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पंडितों और ज्योतिष आचार्यों ने चंद्र ग्रहण के सूतंक के कारण होलिका दहन करने से मना किया था। पंडितों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में ही होलिका दहन शुभ माना जाता है। चंद्र ग्रहण के कारण ब्रह्म मुहूर्त में ही सूतंक लग गए थे, जिसके चलते सोमवार रात होलिका दहन नहीं हो सका। अब इन गांवों में बुधवार सुबह होलिका दहन किया जाएगा। कस्बे के निवासी ने बताया कि लगभग 200 साल पहले होलिका दहन के बाद एक घर में आग लगने की घटना हुई थी। तब से इस क्षेत्र में सुबह के समय ही होलिका दहन करने की परंपरा बन गई है। पंडित श्रीकृष्ण शास्त्री ने भी इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में होलिका दहन करना ही शुभ होता है, इसलिए अपने क्षेत्र और ब्रज के अधिकतर गांवों में सुबह के समय ही होलिका दहन किया जाता है। चूंकि चंद्र ग्रहण के कारण सूतक लग गए थे और शाम 7:30 बजे सूतक समाप्त होंगे, इसलिए अब बुधवार सुबह ही होलिका दहन किया जाएगा।






































