
नई दिल्ली 02 मार्च । देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके (करावल नगर और शिव विहार) में रविवार, 1 मार्च को आरक्षण और SC/ST एक्ट के विरोध में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। राष्ट्रीय सवर्ण परिषद् (RSP) के बैनर तले सवर्ण समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मिली जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय सवर्ण परिषद् ने UGC नीतियों, SC/ST एक्ट और जातीय आरक्षण के विरोध में ‘विशाल मशाल मार्च’ का आह्वान किया था। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों की मशालें जब्त कर लीं और कई प्रमुख कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही ‘हाउस अरेस्ट’ (नजरबंद) कर दिया। हालांकि, इसके बावजूद कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैय्या की फोटो वाली टी-शर्ट, तख्तियां और बैनर थे, जिन पर आरक्षण विरोधी नारे लिखे थे। इस विरोध प्रदर्शन की जड़ें पिछले महीने से जुड़ी हैं। 7 फरवरी को पंकज धवरैय्या ‘सनातन स्वाभिमान पद यात्रा’ लेकर PMO आवास की ओर कूच करने वाले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें 5 फरवरी को ही नजरबंद कर यात्रा रोक दी थी। इसके विरोध में धवरैय्या तभी से ‘सनातन सत्याग्रह’ पर बैठे हैं। उनके इस सत्याग्रह ने विभिन्न सवर्ण संगठनों को एकजुट कर दिया है, जिसका नतीजा रविवार को दिल्ली की सड़कों पर भारी भीड़ के रूप में देखने को मिला।
PMO घेराव की चेतावनी
भारी पुलिस बल की मौजूदगी और बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं थे। RSP के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहले ही PMO घेराव की घोषणा कर चुके हैं। सवर्ण समाज की मांग है कि योग्यता को प्राथमिकता दी जाए और आरक्षण व विशेष अधिनियमों की समीक्षा की जाए। देर रात तक क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी रही और पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात रही।



































