
हाथरस 02 मार्च । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के अलीगढ़ रोड स्थित आनंदपुरी कॉलोनी केंद्र पर होली का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और आध्यात्मिक शालीनता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर फूलों की होली खेली गई और उपस्थित जनसमूह को अबीर का तिलक लगाकर ईश्वरीय सुख-शांति का संदेश दिया गया। मुख्य वक्ता के रूप में माउण्ट आबू (आबूराज) से आए वरिष्ठ चिकित्सक बी.के. डॉ. सुभाष ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केवल लकड़ियाँ या गोबर की गूलरी जलाना ही होली नहीं है। वास्तविक होली तब है जब मनुष्य अपनी आंतरिक बुराइयों का अग्निसंस्कार कर दे। उन्होंने कहा कि जब इंसान की बुराइयां भस्म हो जाएं और वह शुद्ध-पवित्र आत्मा बन जाए, तभी होली सार्थक है। जो बीत गया उसे भुलाकर (बीती सो बीती) परमात्मा के स्नेह के रंग में रंगना ही जीवन में सच्ची खुशियाँ लाता है।” केंद्र की राजयोग शिक्षिका बी.के. शांता बहिन ने होली के प्रतीकात्मक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि आज इंसान की बुद्धि में जो नकारात्मकता और बुराइयां (गोबर के समान) भर गई हैं, उन्हें ज्ञान की अग्नि से खत्म करना ही सच्ची होली है। उन्होंने परमात्मा शिव द्वारा स्थापित की जा रही सुख-शांति संपन्न दुनिया के बारे में भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर दर्जनों की संख्या में ब्रह्मावत्स उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से राजेश शर्मा, दाऊदयाल अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, राजू अग्रवाल, अरविंद गुप्ता, मनोज कुमार, ओम प्रकाश, राधेश्याम, भीमसैन, केशवदेव, रमेश दीक्षित और भगवानदास शामिल थे। कार्यक्रम का सफल प्रबंधन बी.के. दुर्गेश, श्वेता, वंदना, पूजा, मोनिका और सृष्टि बहिन द्वारा किया गया। अंत में सभी को ईश्वरीय सौगात और प्रसाद वितरित किया गया।



































